यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत का विरोध

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रेप केस मामले में यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने आज अपना जवाबी हलफनामा दायर किया। यूपी सरकार ने गायत्री प्रजापति की जमानत का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गायत्री प्रजापति को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया । मामले की अगली सुनवाई अप्रैल के पहले सप्ताह में होगी।

पिछले 16 मार्च को यूपी सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की थी। पिछले 23 फरवरी को हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया था। 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर​ दर्ज करने के निर्देश के बाद 15 मार्च 2017 को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। 24 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को निर्देश दिया था कि गायत्री प्रजापति मामले में पीड़िता और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

पीड़ित महिला समाजवादी पार्टी की कार्यकर्ता है। उसके मुताबिक गायत्री प्रजापति ने 2014 से जुलाई 2016 तक 2 साल उसके साथ लगातार रेप किया। प्रजापति और उनके सहयोगियों ने कुछ मौकों पर उसके साथ सामूहिक रेप भी किया। जब प्रजापति ने उसकी 14 साल की बेटी के साथ बलात्कार की कोशिश की तब उसने पुलिस में शिकायत की। कोई कार्रवाई न होने पर उसने 7 अक्टूबर 2016 को प्रदेश के डीजीपी से भी शिकायत की लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिेए गए थे।

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