यूपी के हर जनपद में होगी ‘सचल गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला

लखनऊ ब्यूरो। गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के मामले में हमेशा निशाने में आते रहे जूनियर इंजीनियर्स अब राहत की सांस ले सकेंगे। गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर लगभग दस सेमिनार कर चुके डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण व जनमानस में विभाग की सकारात्मक छवि के लिए प्रत्येक जनपद में सर्व सुविधा एवं आधुनिक तकनीक,अधिकाधिक स्टुमेन्ट युक्त मोबाईल प्रयोगशाला के सुझाव को बुधवार को हरी झण्डी मिल गई।

शासन स्तर पर भी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की भी सहमति हो चुकी है। ऐसे में जल्द ही उत्तर प्रदेश के हर जनपद में सचल गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला मौजूद रहेगी। इसका परिणाम यह होगा कि विभाग ने जो थर्ड पार्टी क्वालिटी, इन्सपेक्शन प्रणाली एवं रोड सेफ्टी आडिट प्रणाली लागू का निर्णय लिया है, उसके लिए यह सचल प्रयोगशाला सहायक की भूमिका निभायेगी। हर जनपद में जब सचल गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला होगी तो इसका मनोवैज्ञानिक दबाव ठेकेदारों पर भी होगा और वे भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता से खेल नहीं कर पाएगे।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी, महामंत्री वीके कुशवाहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिवाकर राय और अतिरिक्त महामंत्री एन.डी. द्विवेदी द्वारा प्रत्येक जनपद में सचल गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला के परिपेक्ष्य में विभागाध्यक्ष इं. वीके सिंह के समक्ष जो तर्क दिये गए उससे वे संतुष्ट नजर आए और उन्होंने अपने स्तर पर इस पर सहमति दी है।

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