यूपी चुनाव को लेकर जनता से जुड़ने के लिए बहुभाषी मंच कू ऍप का लाभ उठा रही है ‘आप’

लखनऊ: आगामी विधानसभा चुनाव में भारत निर्वाचन आयोग ने कोरोना वायरस महामारी के चलते परंपरागत जनसभा-रैलियों की जगह सोशल मीडिया के जरिये प्रचार करने के निर्देश दिए हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर मौजूदगी को लेकर तेजी दिखाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी यूपी ने भी देश के पहले बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऍप पर अपना ऑफिशियल अकाउंट बना लिया है। आप की यूपी इकाई अब इस देसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल प्रदेश के लोगों से हिंदी में जुड़ने और विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार और राय साझा करने के लिए कर रही है।

अपने आधिकारिक हैंडल @AAPUttarPradesh से हिंदी में कू करते हुए आम आदमी पार्टी यूपी ने बुधवार को अपनी लेटेस्ट पोस्ट में घोषणा पत्र जारी किया। जबकि इससे पहले हिंदी में कू करते हुए आम आदमी पार्टी यूपी ने बुधवार को अपनी पहली ही पोस्ट में देश के सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों वाले सूबे में बदलाव लाने की चुनौती दी है।

पार्टी ने लिखा, “बदलेगी उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्योंकि शुरुआत की है ऍप ने… #ChangeIsPossible” अपनी इस पोस्ट के साथ ही आप ने एक पोस्टर भी शेयर किया है जिसमें एक बीच में भारी जनता और बाईं तरफ आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और दाईं तरफ आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को जोरदार तेवर में दोनों हाथ उठाए दिखाया गया है।

पार्टी ने कू पर अपनी पहली ही पोस्ट के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की है कि बदलाव संभव है। #ChangeIsPossible हैशटैग के जरिये पार्टी ने चुनाव से पहले अपना इरादा जता दिया है कि वो सूबे में बदलाव लाने के लिए उतरेगी। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई (@AAPPunjab) ने भी बुधवार को अभिव्यक्ति के अनोखे मंच कू ऍप से जुड़कर पंजाब की जनता से पंजाबी भाषा में जुड़ने का जरिया हासिल कर लिया है। पंजाब से आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता भगवंत मान ने भी हाल ही इन ऐप पर अपना आधाकारिक अकाउंट बनाया है जबकि पार्टी के पंजाब सह-प्रभारी और युवा नेता राघव चड्ढा पहले से ही इस इंडियन प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड और आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार कर्नल अजय कोटियाल भी कू ऍप पर मौजूद हैं।

आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश की बात करें तो पार्टी की तरफ से उत्तर प्रदेश के प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही कू ऍप पर मौजूद हैं और लगातार जानकारियां साझा करते रहते हैं। आम आदमी पार्टी की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव भी कू ऍप पर मौजूद हैं और अब पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के आने का सिलसिला भी जारी है। पार्टी के करीब १५ उम्मीदवार अब तक इस प्लेटफॉर्म पर आकर अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

बता दें कि कू ऍप उत्तर प्रदेश में काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रदेश के आधे से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों यानी २५० विधायकों और ४१ सांसदों ने जनता से सीधा संवाद करने के लिए इस सोशल मीडिया ऐप को चुना है। हिंदी भाषी यूजर्स की बहुलता वाले इस ऐप पर उत्तर प्रदेश के लोग भारी संख्या में हैं जिसकी वजह से ये इंडियन ऐप उत्तर प्रदेश के नेताओं की भी पहली पसंद बनता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, उप-मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा इस इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग ऐप पर काफी सक्रिय हैं। इनके साथ कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, इलाहाबाद दक्षिण से विधायक और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत उत्तर प्रदेश के करीब तीन चौथाई (७५%) कैबिनेट मंत्री इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं। विपक्षी दलों की बात करें तो बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्र शेखर आजाद, आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद और ‘आप’ के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष शिवपाल यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर समेत तमाम दिग्गज कू ऍप पर मौजूद हैं।

भारतीय भाषाओं में अभिव्यक्ति के लिए एक अनोखे मंच के रूप में कू ऍप भारतीयों को हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत १० भाषाओं में खुद को ऑनलाइन अभिव्यक्त करने में सक्षम बनाता है। प्लेटफॉर्म ने हाल ही में २ करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छुआ है और अगले एक साल में १० करोड़ डाउनलोड तक पहुंचने की ओर अग्रसर है।

कू के बारे में

कू ऍप की लॉन्चिंग मार्च २०२० में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। भारत में, जहां १०% से अधिक लोग अंग्रेजी में बातचीत नहीं करते हैं, कू ऍप भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है। मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है। यह यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ करता है। राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के मशहूर लोग द्वारा अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।

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