यूपी में अगर सपा-बसपा गठबंधन हुआ तो भाजपा को होगी परेशानी

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सभी पार्टियों में सरगर्मियां बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने परोक्ष तरीके से भाजपा के चुनाव प्रचार का बिगुल फूंक दिया है। 15वीं शताब्दी के संत कवि कबीर के अंतिम स्थान मगहर में उन्होंने बड़ी रैली की। इस रैली में हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल थे। इस रैली का एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी रहा। इस रैली में कबीर के जरिए यह जताने की कोशिश की गई कि पार्टी जाति और मजहब से ऊपर उठकर काम करती है। इस रैली में रोचक रहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोला लेकिन बसपा का नाम तक नहीं लिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा मायावती और अखिलेश को दूर रखना चाहती है। अगर बसपा अकेले रहती है या भाजपा के करीब आती है तो सत्तारूढ़ पार्टी को उत्तर प्रदेश में बड़ा फायदा मिल सकता है। यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावों के साथ लोकसभा चुनाव को भी जल्दी कराया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा के एक चौथाई सांसद उत्तर प्रदेश से आते हैं और पिछले आम चुनाव में इसे 42 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। मार्च 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने 403 में से 312 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की। हालांकि मई में हुए उपचुनाव में नूरपुर विधानसभा सीट और कैराना लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा। विपक्षी दल भाजपा को पछाड़ने के लिए दलित और मुस्लिम वोट पर आंख गड़ाए हैं। सपा और बसपा का गठबंधन भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में बड़ा खतरा बन सकता है। कबीर के जरिए मोदी ने यह बताने की कोशिश की, भाजपा जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर है। हालांकि सवर्ण हिंदू मतदाता आक्रामक रुख पसंद करते हैं। भजापा के समर्थक और स्थानीय गन्ना सहकारिता समूह के अध्यक्ष कृपाल सिंह ने कहा कि कबीर से हमारा कोई मतभेद नहीं है। प्रधानमंत्री जाति-धर्म से ऊपर उठने की बात करते हैं वह भी ठीक है लेकिन वह दलित और मुस्लिम वोट को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह काम नहीं आएगा।

सकोती गांव के एक संपन्न किसान राजिंदर सिंह ने कहा कि जो भी हिंदू हितों की रक्षा करेगा, हिंदू उसे ही वोट देगा। सपा सरकार में मुस्लिम बहुत आक्रामक हो गए थे। सवर्ण योगी आदित्यनाथ की सरकार का समर्थन करते हैं। उनका आरोप है कि मुस्लिम गायों को चुराकर मांस के लिए उनकी हत्या करते हैं। लेकिन इस समय पशुपालन करने वाले किसान भी परेशान हैं क्योंकि पहले जिन बूढ़े जानवरों को वे बेच दिया करते थे, आज उन्हें खरीदने को कोई तैयार नहीं है। आवारा जानवर किसानों के लिए समस्या बन गए हैं। यह वास्तव में दुविधा का विषय है कि हार्डकोर हिंदुत्व वोटों में सेंध तो लगा सकता है लेकिन यह कुछ उपद्रवी समूहों को बल भी देता है जो सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर देते हैं। विकास जाति और संप्रदाय से ऊपर है लेकिन यह वोट की गारंटी नहीं देता है। प्रदेश में पुलिस को अपराधियों से निपटने के लिए खुली छूट दी गई है। इसके बाद कई एनकाउंटर हुए। मानवाधिकार आयोग ने सरकार को फरवरी में नोटिस भेजकर कहा कि राज्य की पुलिस यह छूट पाकर इसका दुरुपयोग कर रही है। 2 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पुलिस एनकाउंटर में हुईं 49 मौतों और 270 लोगों के घायल होने पर जवाब मांगा।

प्रदेश के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि अब पार्टी केवल एक चुनाव जीतने वाली मशीन बनकर रह गई है। इसने रिश्तों की अहमियत खत्म कर दी है। योगी आदित्यनाथ और हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्होंने संगठन से दूरी बना ली है। हिंदू युवा वाहिनी को बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले एक सूत्र ने कहा कि जो युवा आदित्यनाथ के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार थे, मुख्यमंत्री बनने के बाद वह उन्हें भी भाव नहीं दे रहे हैं। कई साल जेल में गुजारने वाले एचवाईवी के एक और सदस्य ने कहा कि सत्ता का फल मिला लेकिन महाराज हमें भूल गए। ये लोग तो खाली धंधा करते हैं और मलाई खाते हैं। हमें हिंदुओं के असली रखवाले हैं बाकी सब सौदेबाज हैं। सपा के बागी नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि भाजपा किसी को दोस्त या दुशमन नहीं समझती है बस यह देखती है कि उसका कहां उपयोग किया जा सकता है।

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