यूपी में जघन्य घटनाओं की बाढ़ है सरकार बताए क्या यही रामराज्य है: मायावती

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। मायावती ने जघन्य घटनाओं की बाढ़ है सरकार बताए क्या यही रामराज्य है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मायावती ने सोमवार ट्वीट कर कहा कि यूपी के सीतापुर में नाबालिग दलित के साथ गैंगरेप, चित्रकूट में बंधुआ मजदूरी न करने पर युवक की हत्या व उसके बेटे का हाथ तोड़ना व गोरखपुर में डबल मर्डर आदि जघन्य घटनाओं की बाढ़ आई हुई है। क्या यही है सरकार का रामराज्य? बीएसपी की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

आपको बता दें कि गोरखपुर में महुआ के एक पेड़ को लेकर दो सगे भाई आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच पहले जमकर मारपीट हुई जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस गगहा थाने पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में अभी अपनी कार्रवाई कर ही रही थी कि एक भाई की तरफ से गांव पहुंचे कुछ रिश्‍तेदारों ने दूसरे भाई के परिवार पर हमला बोल दिया। उन्‍होंंने घर पर मौजूद मां और बेटे को लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पीटना शुरू कर दिया। फिर फावड़े से वार कर दोनों को बेरहमी से मार डाला। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्‍या में इस्‍तेमाल फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

वहीं सीतापुर में शनिवार की रात नल पर पानी लेने गई 15 वर्षीय किशोरी को पहले से ही घात लगाकर बैठे दो युवकों ने अगवा कर खेतों की तरफ ले गए। इससे पहले कि युवक दुराचार करने में सफल हो पाते किशोरी के शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने पर दोनों युवक फरार हो गए। किशोरी के भाई की तहरीर पर युवकों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper