यूपी में जल्द ही हम अपनी निवेश परियोजनाओं को पूरा करेंगे: एसेल ग्रुप चीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में 60 हजार करोड़ रुपये की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास करने के लिए लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंच चुके हैं। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। अडानी ग्रुप के फाउंडर एंड चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि इन्वेस्टर समिट की बड़ी सफलता के बाद मुझे उत्तर प्रदेश में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में बुलाया गया इसके लिए मैं धन्यवाद करता हूं। यह प्रोग्राम सीधे साफ करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए पूरे प्रयत्न कर रहे हैं। जिसका नतीजा है कि पांच महीने के अंदर ही 60 हजार करोड़ का निवेश प्रदेश में हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की गुड गवर्नेंस ने प्रदेश में उद्योगों के लिए एक माहौल दिया है। अडानी ग्रुप ने प्रदेश में 36 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू साइन किया था।

– इस मौके पर एसेल ग्रुप के प्रमुख सुभाष चंद्रा ने कहा कि आज जो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो रही है। उससे हम करीब 25 हजार लोगों को रोजगार दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से योगी सरकार काम कर रही है। उससे हम जल्द ही प्रदेश में अपने बाकी के निवेश प्रोजेक्ट को भी पूरा कर सकेंगे।

इस मौके पर संबोधित करते हुए यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश में 60 हजार करोड़ की निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास होने जा रहा है। यह पहला मौका है जब यूपी में इतने बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में हमने प्रदेश में कार्यसंस्कृति में बदलाव किया है। अब अगर कोई भी निवेशक सीएम से मिलना चाहता है तो हम उसकी 24 घंटे में मुलाकात करवाते हैं। यही कारण हैं कि कार्यसंस्कृति बदलने से प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं।

इसके पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे तो राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित यूपी सरकार के मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। बताया जा रहा है कि 81 परियोजनाओं के निवेश से प्रदेश में दो लाख नौकरियां पैदा होंगी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती के कार्यकाल में जितना निवेश हुआ, योगी सरकार उससे अधिक का शिलान्यास एक साथ करा रही है। निवेश व रोजगार को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फरवरी में हुए इन्वेस्टर्स समिट से ही चल रहा है।

आयोजन की तैयारियों से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पांच वर्ष के कार्यकाल में 50,187.89 करोड़ जबकि मायावती के पांच वर्ष के शासनकाल में 57,545.27 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब एकमुश्त 60,228 करोड़ की निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे तो योगी सरकार दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों से काफी आगे नजर आएगी। इस शिलान्यास समारोह से ही विपक्षी नेताओं को जवाब मिल जाएगा।

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