यूपी में बीजेपी का बड़ा पोलिटिकल गेम, होगी 100 तीन तलाक सचिव की नियुक्ति

दिल्ली ब्यूरो: तीन तलाक समाज के लिए कोढ़ तो है लेकिन इसमें वोट बैंक भी शामिल है। भारतीय राजनीति में सत्ता सरकार जो भी फैसले लेती है उसके पीछे की राजनीति वोट बैंक से ही जुडी होती है। अब तक देश में ऐसा ही होता रहा है। एक तरफ अयोध्या में राममंदिर को लेकर बीजेपी और संघ तैयार है तो दूसरी तरफ आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए मुस्लिम मतदाताओं में भी अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश बीजेपी बड़े करने से कर रही है।

अब खबर आ रही है कि संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र की मोदी सरकार तीन तलाक को अपराध घोषित करने के लिए अध्यादेश ला सकती है। लेकिन इससे पहले ही उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने दो ‘तीन तलाक प्रमुख’ की नियुक्ति की है। ये प्रमुख में राज्य में तलाक पीड़ितों से मिलेंगे और उनके पुनर्वास के लिए सलाह मांगेंगे। तीन तलाक प्रमुख के लिए बीजेपी की तरफ से जिन लोगों की नियुक्ति की गई है उसमें डॉ नाजिया आलम और शहनाज खान हैं। बता दें कि ये दोनों बीजेपी अल्पसंख्यक इकाई की राज्य सचिव भी हैं।

जानकारी के मुताबिक तीन तलाक पर पीड़ितों से मिलन और उनके पुनर्वास के लिए भाजपा ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। पार्टी की योजना है राज्य में 6 क्षेत्रीय इकाइयों को और 93 जिला इकाईयों में मुस्लिम महिला को प्रमुख पद पर नियुक्त करने की है।हाल ही में आयोजित बीजेपी अल्पसंख्यक विंग की राज्य कार्यकारी बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

इसके साथ ही पार्टी की ओर से नियुक्त ये तीन तलाक प्रमुख मुस्लिम परिवारों के लिए हिंदी में ट्रासलेट किया हुआ कुरान भी बाटेंगे। हिंदी कुरान बाटने के पीछे बताया गया कि जब लोग हिंदी भाषा में कुरान पढ़ेंगे तो उसे अच्छी तरह से समझते हैं। ऐसे में तीन तलाक के बारे में उन्हें पूरी जानकारी मिलेगी और समझदारी आएगी। क्योंकि कुरान में तीन तलाक पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके कट्टरपंथी मौलवियों की वजह से परिवार में व्याप्त परेशानियों को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। बीजेपी का ये कैंपेन दिवाली के बाद शुरू हो जाएगा। इसमें पहला टॉस्क होगा पीड़ितों की पहचान करना।

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