ये हैं पीएनबी को जमींदोज करने वाले नीरव मोदी

अखिलेश अखिल

नई दिल्ली: नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को जमींदोज कर दिया। पीएनबी के इस घोटाले को सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है। यहाँ हम नीरव मोदी की जानकारी आपको देंगे कि आखिर यह सख्स क्या है और किस तरह से बैंक को लूटने का काम किया। लेकिन इससे पहले थोड़ी जानकारी बैंक भ्रष्टाचार को लेकर भी।

देश में सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े पंजाब नेशनल बैंक में गलत लेन-देन का मामला प्रकाश में आने के बाद जाहिर हो गया है कि भारत में आज भी भ्रष्टाचार की जड़ें काफी मजबूत है और सत्ता सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ भी किया जा सकता है। पीएनबी में करीब 11,500 करोड़ रुपये की अनाधिकृत लेन-देन उजागर हुआ है। बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि बैंक के मुंबई की एक शाखा में 1771.7 अरब डॉलर यानी करीब 11,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आयी है। बताया जा रहा है कि इस धोखाधड़ी का असर कुछ दूसरे बैंकों पर भी देखने को मिल सकता है।

उधर, पंजाब नेशनल बैंक ने ज्वैलरी डिजाइनर नीरव मोदी के धोखाधड़ी मामले से जुड़े 10 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंशन का यह खेल बता रहा है कि सरकारी कर्मचारी कुछ भी कर सकते हैं। इससे यह भी पता चलता है कि आजाद भारत में कोई भी भ्रष्टाचार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं। आपको बता दें कि अभी हाल ही में सीबीआर्इ ने नीरव मोदी, उसके भार्इ निशाल मोदी आैर पीएनबी अधिकारियों पर करीब 280.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया था।

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआइ को बुधवार को पीएनबी से दो शिकायती मिलीं। ये शिकायतें ज्वेलरी डिजाइनर नीरव मोदी और एक ज्वेलरी कंपनी के खिलाफ थी। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से अरबों का गलत ढंग से ट्रांजेक्शन किया है। इस खबर के बाद पीएनबी के शेयर आज आठ प्रतिशत तक गिर गये। सीबीआइ ने नीरव मोदी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया है।

पीएनबी की शिकायत के अनुसार, नीरव मोदी-उनके भाई निशाल, पत्नी अमी एवं चिनुभाई चौकसी जो डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट, स्टेलर डायमंड में पार्टनर है, ने बैंक से धोखाधड़ी की है। नीरव मोदी पर 2017 में पंजाब नेशनल बैंक से 280.70 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी करने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक पीएनबी ने धोखाधड़ी कर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी एंड एसोसिएट्स को गारंटी पत्र (लेटर आफ अंडरटेकिंग) दिया और उन्होंने इसे विदेशों में निजी एवं सार्वजनक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों से भुनाया। इस मामले में पीएनबी के अफसरों की संलिप्तता थी और दस अफसरों को सस्पैंड भी किया गया है।

इस सूचना के बाद आयकर विभाग ने नीरव मोदी के 50 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। आयकर विभाग ने इस दाैरान ज्वेलरी, नकदी सहित कुछ ऐसे डाक्यूमेंट मिले जिससे यह भी पता चलता है कि उसके परिवार ने टैक्स चुकाने में भी धोखाधड़ी की है। आपको बता दें कि नीरव मोदी एक 48 वर्षीय ज्वेलरी डिजाइनर है, जिसे भारतीय मीडिया एक अरबपति ज्वेलरी डिजाइनर व डायमंड किंग के रूप में दिखाती रही है।

2017 में वह फोर्ब्स के अमीर लोगों की लिस्ट में 84वें नंबर पर था। दुनिया भर में प्रतिष्ठित बिजनेस पत्रिका फोर्ब्स मैगजीन ने उसे 2.3 बिलियन डॉलर रेवेन्यू टर्म में वाले वाले फायरस्टार डायमंड के संस्थापक के रूप में अपनी रिपोर्ट में दिखाया था। हालांकि अभी भी नीरव की संपत्ति 1.73 बिलियन डॉलर की है। नीरव ने एक बिजनेस पत्रिका को दिये इंटरव्यू में कहा था कि उसकी ज्वेलरी डिजाइन में रुचि तब जगी जब एक दोस्त ने उससे इयररिंग डिजाइन करने का आग्रह किया। बाद में मोदी ने इसे अपना पेशा बना लिया। वह उच्च क्वालिटी का डायमंड खोजता और उसे फाइनल टच देने के लिए रूस भी भेजा करता था। वह अपने चाचा के जरिये डायमंड का एक ट्रेंड ट्रेडर बन गया और तेजी से अपना बिजनेस बढ़ाने लगा।

2010 में नीरव मोदी ने अपने नाम पर नीरव मोदी ज्वेलरी आउटलेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खोले। उसने दिल्ली, मुंबई, न्यूयॉर्क, हांगकांग, लंदन, मास्को जैसे शहरों में अपने आउटलेट खोले. बॉलीवुड हस्तियों केट विंस्लेट, डाकोटा जाॅनसन, मासीमो बोतुरा के द्वारा पसंद किये जाने के कारण नीरव मोदी की ज्वेलरी को वैश्विक ख्याति मिली।

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