ये है दिल्ली का राम रहीम, आश्रम में कर रखा था लड़कियों को कैद, 16000 लड़कियों को बनाना चाहता था रानी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम की संस्था में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त सीबीआई टीम ने गुरुवार को कार्रवाई कर बड़ा खुलासा किया। टीम ने उत्तर दिल्ली के रोहिणी इलाके स्थित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में नौ घंटे तक कार्रवाई कर 41 लड़कियों को छुड़ाया। इनमें से से ज्यादातर लड़कियां नाबालिग थीं। कार्रवाई के वक्त आश्रम में 168 महिलाएं मौजूद थीं। इनमें से करीब 40 नाबालिग थीं। इनमें से 32 वर्षीय महिला ने कहा, ‘बाबा वीरेंद्र देव उसके साथ कई बार दुष्कर्म कर चुका है।’

वहीं, एक अन्य पीड़िता ने कहा, ‘बाबा उनसे कहता था कि उन्होंने बाहरी दुनिया से चर्चा की, तो यह पाप होगा और तुम जिंदा नहीं बच पाओगी। एक महिला ने कहा, ‘बाबा ने उसे कहा था वह उसकी 16,000 रानियों में से एक है। उसने मेरे साथ कई बार दुष्कर्म किया।’ पीड़ितों का कहना है कि बाबा अपने आश्रम में सेक्स रैकेट चला रहा था। इतना ही नहीं वह अपने अनुयाइयों की संपत्ति भी हड़प लेता था।

कार्रवाई के दौरान आश्रम में आठ पुरुष मौजूद थे जो मुख्य संचालक महिला की काम में मदद करते थे। इन पर आश्रम की सुरक्षा से लेकर यहां मौजूद हर शख्स की हर जरूरत को पूरी करने का जिम्मा था। इस आश्रम में रह रही तीन लड़कियां दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड इंस्पेक्टर और दो अन्य कर्मचारियों की थीं। जबकि इससे पहले आश्रम में रह चुकी एक लड़की ने बताया था कि उसका बड़ा भाई सीबीआई में इंस्पेक्टर है। इसी लड़की ने आश्रम में चल रही वीरेंद्र देव की करतूतों का खुलासा किया था। जिसके बाद दर्ज एक शिकायत पर गुरुवार को यह कार्रवाई की गई।

आश्रम में बच्चियों और युवतियों के यौन-शोषण होने और यहां अवैध गतिविधियों को अंजाम दिए जाने के आरोपों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई को इस आश्रम की जांच के आदेश दिए थे। इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी इस आश्रम में मौजूद थीं। उन्होंने कहा, आश्रम में किलेनुमा सुरक्षा संदेह पैदा करने वाली थी। परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। यहां महिलाओं द्वारा वीरेंद्र देव के नाम लिखे कई पत्र मिले हैं इनमें आपत्तिजनक बातें हैं।

बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के एक जगह पर दो आश्रम बने हुए हैं। एक मुख्य आश्रम है। जबकि दूसरा आश्रम वीवीआईपी लोगों के लिए है। यह हाल में ही बनकर तैयार हुआ है। मुख्य आश्रम से इस आश्रम को जोड़ने के लिए जमीन के नीचे सुरंग बनाई गई है। यहां रुकने वालों की सुख-सुविधा का सामान इसी सुरंग से पहुंचता है। इनमें लड़कियां भी शामिल हैं।

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