योगी के खिलाफ दंगा मामले में उचित निर्णय दें मजिस्ट्रेट : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के एक मैजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़े दंगे के मामले में कानून के अनुरूप उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने उस याचिका का निपटारा किया जिसमें इस मामले में रशीद खान द्वारा दायर याचिका को खारिज करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। पीठ ने कहा चूंकि हाईकोर्ट ने इस मामले को मैजिस्ट्रेट के पास भेजा है, हम (गोरखपुर में) मैजिस्ट्रेट को सिर्फ यह निर्देश देते हैं कि कानून के अनुरूप उचित आदेश पारित किया जाए।

इसलिए विशेष अनुमति याचिका का निपटारा किया जाता है। पुलिस के अनुसार यह मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में 2007 में हुई एक घटना से जुड़ा है, जहां आदित्यनाथ संसद सदस्य थे। प्राथमिकी के अनुसार, 27 जनवरी 2007 को सातवीं मुहर्रम के मौके पर आदित्यनाथ के आह्वान पर दक्षिणपंथी संगठन हिन्दू वाहिनी, कारोबारी समुदाय के सदस्यों ने एकत्रित होकर नारेबाजी की थी। उन्होंने कई संपत्तियों को आग के हवाले किया, धार्मिक पुस्तकों को नुकसान पहुंचाया और गोरखपुर के इमाम चौक पर विध्वंसकारी गतिविधियों को अंजाम दिया।

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