योगी जी ! अपने पुराने नाम में कब आएंगे?

अखिलेश अखिल

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ। देश इसी नाम से उन्हें जानता है और पहचानता भी है। बहुत से लोगो को तो केवल योगी नाम की ही पहचान है। गेरुआधारी ,तिलकधारी ,मुंडन धारी गोर दीप्त योगी जी की पहचान यही है। योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों इलाहाबाद का नाम बदला। नया नाम प्रायगराज रखा। कुम्भ की नगरी प्रयागराज। संगम की नगरी प्रयागराज। कहते हैं कि यहाँ अमृत गिरा था और जो लोग यहाँ स्नान करते हैं उनके सारे पाप काट जाते हैं।

कुम्भ स्नान की यही महिमा है। जैसे ही इलाहबाद, प्रयागराज में बदला कुछ लोगों ने योगी जी पर हमला किया। लेकिन योगी जी हमला कैसे बर्दास्त करते। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वही लोग नाम पर बवाल मचा रहे हैं जिन्हें संस्कृति की समझ नहीं है। हमने जो किया है वो इतिहास का हिस्सा रहा है। प्रयागराज हमारी संस्कृति रही है। सनातन संस्कृति। ऐसी संस्कृति जिसका कभी क्षय नहीं होता। सदा चलते रहने वाली संस्कृति।

लोग कह रहे हैं कि बीजेपी की यह सरकार कई नामों को बदलने वाली है। कई शहर बदले जाएंगे। कई गांव के नाम भी बदलेंगे और लगे हाथ कई रेल के नाम भी बदलेंगे। सड़क के नाम भी बदले जाएंगे। बीजेपी के लोगो का कहना है कि जो ओरिजनल नाम है और प्राचीन नाम है वही असली है और वही भारत भी। जिसका नाम असली नहीं वह सब नकली है और उसे बदलना मोदी -योगी सरकार की मज़बूरी है क्योंकि हमारी संस्कृति तो प्राचीन है और असली भी।

अब असली में सवाल कई तरह के उठ रहे हैं। यूपी के सीएम योगी जी का नाम तो अजय सिंह बिष्ट है। उनके माता -पिता ने तो उनका नाम अपने हिसाब से अजय ही रखा था। वही उनका ओरिजनल नाम है। वही उनकी संस्कृति है। वही उनका धरम है। लेकिन वे नए नाम योगी आदित्यनाथ से जाने जाते हैं। जब ओरिजनल नाम में ही सबकुछ है तो योगी जी को सबसे पहले अपना ओरिजनल नाम रखना चाहिए क्यों वह नाम उनके माँ -पिता का दिया हुआ है। फिर नकली और डुप्लीकेट नाम की क्या जरूरत। क्या योगी जी ऐसा कुछ करेंगे?

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