योगी जी! आंबेडकर की 9 मूर्तियां टूटी लेकिन गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई

लखनऊ ब्यूरो: बयान से ही जब जनता खुश हो तो कार्रवाई की क्या जरुरत। यूपी में सीएम योगी की सरकार कुछ इसी रास्ते से चल रही है। वादों पर टिकी प्रदेश की राजनीति से अब बहुत से सवाल भी उठ रहे हैं। सवाल केवल विपक्ष की तरफ से नहीं उठाये जा रहे हैं सत्ता पक्ष के लोग भी मान रहे हैं कि समाज को बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन यहां तो कार्रवाई होती दिखती ही नहीं। योगी की सरकार सवालों के घेरे में हैं।

सूबे में अभी तक आंबेडकर की 9 मूर्तियां तोड़ी गयी हैं। यह सबके संज्ञान में भी है। लेकिन इन मामलों में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। कहने के लिए मामले दर्ज कर लिए गए हैं। ताजा मामला फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के नगला नंदे गांव में असामाजिक तत्वों ने आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना मिलते ही आला अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। हालांकि नई प्रतिमा लगाने के आश्वासन के बाद मामला शांत करवाया गया।

फिलहाल इलाके में तनाव व्याप्त है। इससे पहले 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान बुलंदशहर के गांव जाड़ौल में अराजक तत्वों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ दी थी। ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगाते हुए औरंगाबाद-जहांगीराबाद रोड जाम कर दिया। इससे पहले 8 मार्च को मेरठ के खुर्द गांव में आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई। इस घटना के बाद दलितों में भारी आक्रोश आया और हंगामा भी हुआ। जिला प्रशासन ने दूसरी मूर्ति लगाकर मामले को शांत करवाया। इस मामले में भी अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बीजेपी के एक नेता बताते हैं कि ‘सरकार दोषियों को नहीं छोड़ेगी लेकिन दोषी का पता चले तब तो। पुलिस खोज कर रही है। जो लोग समाज में विद्वेष फैला रहे हैं वे ठीक नहीं कर रहे लेकिन योगी की सरकार किसी को छोड़ेगी नहीं।’

मेरठ के बाद 10 मार्च को आजमगढ़ जिले के राजापट्टी गांव में आंबेडकर की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया। 16 मार्च को उन्नाव के बांगरमऊ में मूर्ति तोड़कर तनाव फैलाने की कोशिश हुई। 19 मार्च को आजमगढ़ में एक बार फिर आंबेडकर की मूर्ति तोड़ी गई। असामाजिक तत्वों ने बछवाल गांव में मूर्ति तोड़ दी। 31 मार्च को इलाहाबाद के त्रिवेणीपुरम में आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने का मामला सामने आया। इसी दिन सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज के गौहनिया गांव में आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई। 31 मार्च को मूर्ति तोड़ने की तीसरी घटना हाथरस से सामने आई। दोषियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुयी।

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