योगी जी! बालिका अपहरण और बलात्कार की घटनाएं कहीं यूपी को बदनाम न कर दें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैसे तो बोलने से बाज नहीं आते लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि उनके शासनकाल काल में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ती दिख रही है। सूबे में हो रहे इनकाउंटर से महिलाएं तो पहले से ही भयभीत हैं अब जो आंकड़े सामने आये हैं उससे साफ़ लगता है कि प्रदेश में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। इसी साल के मार्च महीने में विधायक नाहिद हुसैन ने महिलाओं से जुड़ी सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल पूछा था।

सवाल के जवाब में जो आंकड़े सामने आये हैं उससे लगता है महिलाएं यहां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं और सरकार के सारे दावे खोखले हैं। जानकारी के मुताबिक पिछले एक साल में बालिका अपहरण से जुड़े मामले 13226 दर्ज किये गए हैं जबकि इसके पिछले साल ये आंकड़े 9828 थे। इसी प्रकार पिछले एक साल में बलात्कार के जो मामले सामने आये हैं, योगी सरकार की तमाम घोषणाओं के पोल खोलते हैं। पिछले एक साल में बलात्कार के 3704 मामले दर्ज हुए हैं।

इससे पहले वाले साल में यही आंकड़े 2943 थे। महिलाओं और बालिकाओं पर छेड़खानी की घटनाएं भी एक ही साल में दोगुनी हो गई हैं। वर्ष 2016-17 में जहां 495 घटनाएं हुईं थी तो अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 में 987 छेड़खानी की घटनाएं सामने आई हैं। बलात्कार की कोशिश की वारदात 8159 से बढ़कर 11404 के आंकड़े पर पहुंच गई हैं। इतना ही नहीं दहेज के लिए भी महिलाओं को खूब प्रताड़ित किया जा रहा है। ये आंकड़ा 2084 से बढ़कर 2223 पर पहुंच गया है। उत्पीड़न की बात करें तो ये आंकड़ा 10219 से बढ़कर 13392 पर पहुंच गई हैं।

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