योगी ने जनता दरबार में फरियादी की फेंकी फाइल, धक्का देकर बाहर निकाला

दिल्ली ब्यूरो: उत्तर प्रदेश के गोरखनाथ मंदिर में आज मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने पूजा-अर्चना और गो-सेवा के बाद जनता दरबार लगाया। प्रदेश भर से लोग अपने फ़रियाद को लेकर सरकार के मुखिया के पास पहुंचे थे। सबकी अपनी अपनी कहानी थी और बेबसी भी। हर जगह से थक हार कर सीएम योगी के पास फरियादी को लग रहा था कि यहां न्याय जरूर मिलेगा। इन्ही फरियादियों की भीड़ में एक युवा फरियादी भी योगी जी से मिला। बड़े जतन से सारे सबूतों को बगल में दबाये वह योगी जी सामने खड़ा हुआ। अपनी बातें रखी। सबूत दिखाए। बातों की श्रृंखला शुरू की। लेकिन क्षणभर में ही योगी भड़क गए। फरियादी को बाहर जाने का आदेश दिया और उसके सबूत वाले कागजात को फेंक दिया।

फरियादी आखिर करता क्या। फफक-फफक कर रोने लगा। बाहर निकला तो मीडिया वालों से उसकी मुलाक़ात हो गयी। रोते हुए उसने जो बताया वह किसी आश्चर्य से कम नहीं। उसने सीएम योगी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उसने अमनमणि के खिलाफ शिकायत की तो महाराज जी ने उसकी फाइल फेंककर धक्‍का दिया और बाहर जाने को कह दिया।

दरअसल लखनऊ के 131, चन्‍द्रलोक कालोनी के रहने वाले आयुष सिंघल 28 फरवरी को भी मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण वे आज मंगलवार को भी फिर जनता दरबार में पहुंचे। उनका आरोप है कि लखनऊ के पपनामऊ चिनहट में उनकी 22.5 बीघा जमीन लक्ष्‍मीपुर नौतनवां महराजगंज जिले के पूर्व विधायक और मधुमिता शुक्‍ला हत्‍याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी और उनके विधायक पुत्र अमनमणि त्रिपाठी ने कब्‍जा कर ली है। इसी संबंध में आज फिर वो गोरखनाथ मंदिर में मुख्‍यमंत्री योगी के जनता दरबार में पहुंचे और कतार में लग गए।
जब उनका नंबर आया, तो वे अंदर गए और मुख्‍यमंत्री से विधायक अमनमणि त्रिपाठी द्वारा जमीन कब्‍जा करने की बात कही।

फरियादी आयुष ने बताया कि जैसे ही महाराज ने उसकी बात सुनी वो नाराज हो गए और फाइल को नोचकर फेंक दिया। इसके बाद वे बाहर निकले और फफककर रो पड़े। उन्‍होंने मीडिया के सामने आपबीती सुनाते हुए बताया कि अमनमणि के लोग उसे जमीन पर जाने नहीं देते हैं। वे जब भी अपनी जमीन पर जाते हैं, उन्‍हें जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया जाता है। उन्‍होंने बताया कि इसकी शिकायत पहले भी कई बार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

आयुष ने बताया कि वर्ष 2012 में आइसा मिश्रा और उनकी बुआ विनीता मालवीय से लखनऊ के चिनहट थानाक्षेत्र पपनामऊ में 22.5 बीघा लगभग 6.5 लाख स्‍क्‍वायर फीट जमीन 6 करोड़ रुपए कीमत में खरीदी थी। आयुष का आरोप है कि उसकी जमीन के बगल में ही अमरमणि त्रिपाठी और उनके पुत्र की जमीन है। वे जब भी अपनी जमीन पर जाते हैं उनके गुंडे उन्‍हें धमकी देकर भाग जाने के लिए कहते हैं। ऐसे में अब सवालहै कि फरियादी कहाँ जाए ? जब सरकार के मुखिया ही उसकी बात से नाराज हो रहे हैं तब कौन सी सरकार उसे न्याय देने आएगी ?

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