योगी सरकार के कार्यकाल में उप्र अराजकता की भेंट चढ़ा: जयंत चौधरी

लखनऊ ब्यूरो। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने मंगलवार को कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश अराजकता की भेंट चढ़ गया है, जबकि सरकार के ऊपर कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।

जयंत ने बुलंदशहर की घटना में मारे गये पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की हत्या पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुये कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश अराजकता की भेंट चढ़ गया है। प्रदेश में कानून ही शेष है और व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है।

उन्होंने मृतक पुलिस निरीक्षक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने व दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के साथ घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि इस घटना ने मानवता को शर्मसार किया है। भाजपा के सहयोगी संगठनों द्वारा गौवंश की रक्षा के नाम पर देश में जगह-जगह कानून को अपने हाथ में लिया जा रहा है। अब बुलंदशहर के स्याना में अपने नफरत को अंजाम देते हुये पुलिस थाने पर इनके कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया है।

उन्होंने कहा कि बार-बार सूबे में जब हिंसा भड़कती है तो आरएसएस और भाजपा के संगठन के कार्यकर्ता ही शामिल रहते हैं। ये संगठन अब न किसी धर्म की सेवा कर रहे हैं और न देश की,बल्कि नौजवानों को गलत राह पर ले जाने की साजिश रच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मांग करते हुए कहा कि भीड़तंत्र पर रोक के लिए सख्त कानून बने ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जयंत ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ उनका पूरा मंत्रिमण्डल सूबे से बाहर है रहता है ऐसे में प्रदेश को देखने वाला कोई नहीं है। भय मुक्त समाज का नारा देकर सत्ता में आयी भाजपा सरकार के राज में समाज तो भय मुक्त नहीं हुआ लेकिन अपराधी जरूर भय मुक्त हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि बुलंदशहर की घटना के बाद रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने पश्चिमी यूपी के सभी जिलाध्यक्षों के साथ राष्ट्रीय पदाधिकारियों से वार्ता कर अमन चैन बनाये रखने का निर्देश दिया है। ताकि अराजक तत्वों के मंसूबे कामयाब न हो सकें।

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