योगी सरकार ने खोया सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार : किरणमय नंदा

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने उन्नाव प्रकरण पर सरकार को घेरते हुए शुक्रवार को यहां कहा कि प्रदेश की सत्ता पर भाजपा की योगी सरकार को बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उसने यह अधिकार खो दिया है।

उन्होंने कहा कि उन्नाव कांड के साथ-साथ सूबे की गिरती कानून व्यवस्था को देखते हुए धारा 356 लागू कर सरकार को भंग कर देना चाहिए और प्रदेश में राष्ट्रापति शासन लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट खुद कह चुकी है कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र को प्रदेश में धारा 356 का प्रयोग करनी चाहिए।

नंदा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि उन्नाव कांड की जांच करके समाजवादी पार्टी की महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह की नेतृत्व वाली पांच सदस्यों की टीम ने उन्नाव मामले में अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी है। रिपोर्ट में विधायक के साथ स्थानीय पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने कहा कि उन्नाव मामले में कानून को ताक पर रखकर घटनाओं को अंजाम दिया गया है। उसके बावजूद राजभवन की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक इस मामले में सामने नहीं आई हैं प्रदेश में सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति ही मौन हैं।

नंदा ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने गैरजमानती धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद भी कहा कि विधायक के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने देखा कि पीड़िता के पिता को बर्बरता से पीटा गया। पुलिस कैसे कह रही है कि कोई सबूत नहीं है। अगर सबूत नहीं था तो विधायक के भाई को गिरफ्तार क्यों किया गया और सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही विधायक को क्यों गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने झूठा बयान दिया है, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

नंदा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण के लिए भजपा सरकार जिम्मेदार है, इस सरकार को बर्खास्त होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के सदस्यों को नौकरी, आवास और सुरक्षा देने की मांग की।

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