योगी सरकार में प्रदेश को सुरक्षा देने वाली पुलिस ही नहीं सुरक्षित: पीएल पुनिया

लखनऊ ब्यूरो। गोकशी को लेकर बुलंदशहर में मचे बवाल और हिंसा के बीच हुई पुलिस इंस्पेक्टर की मौत को राज्यसभा सांसद और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने प्रदेश सरकार की नाकामी का नतीजा बताया है। योगी सरकार पर तगड़ा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश हिंसा और अराजकता के दौर से गुजर रहा है।

पीएल पुनिया ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने जब प्रदेश की सत्ता संभाली थी, तो दावा किया था कि वह सपा सरकार में हो रही गुंडागर्दी, अराजकता और उत्पीड़न को खत्म करेंगे। उनकी सरकार में कानून व्यवस्था चाक चौबंद रहेगा। लेकिन योगी सरकार को करीब डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश के हालात दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है।

पीएल पुनिया ने कहा कि सीतापुर, बुलंदशहर और लखनऊ में उनकी सरकार में भाजपा के ही एक नेता की हत्या इसकी बानगी है। पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट हो चुकी है। इस वक्त बुंलदशहर में जो हालात बने हुए हैं, उसके लिए बीजेपी और संघ और इस तरह के तमाम संगठन जिम्मेदार हैं। बीजेपी और आरएसएस के लोग जगह-जगह पर अराजकता और गुंडागर्दी कर रहे हैं। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद बजरंग दल के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार भी किया है।

पुनिया ने आगे कहा कि प्रदेश में गुंडागर्दी कर रहे बीजेपी-आरएसएस और ऐसे संगठनों के लोगों को कोई पुलिसवाला हाथ भी नहीं लगा सकता। यही वजह है कि पूरे यूपी में आज इस तरह के हालात बन गए हैं। इस सरकार में प्रदेश को सुरक्षा देने वाली पुलिस ही सुरक्षित नहीं है। बुलंदशहर में एक इंस्पेक्टर को गोली और पत्थर मारकर शहीद कर दिया जाता है, यह पूरे देश के लिए शर्मनाक है। जबतक ऐसे अराजत तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, प्रदेश में ऐसे हालात बने रहेंगे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper