राजधानी समेत इन जिलों को नहीं करना पड़ेगा बिजली संकट का सामना

लखनऊ। गर्मी में राजधानी समेत मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले जिलों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिन जनपदों के क्षेत्रों में सुचारु विद्युत आपूर्ति में ट्रांसफार्मर बाधक बन रहे हैं, उन सभी ट्रांसफार्मरों को आगामी 15 मई तक बदल दिया जाएगा। 25 केवीए के जो ट्रांसफार्मर साल में एक बार फुंक चुके हैं, उनको 63 केवीए ट्रांसफार्मर में कन्वर्ट कर दिया जाएगा।
मध्यांचल के सभी जिलों में यह काम हरहाल में 15 मई तक पूरा हो जाएगा। यानी जब गर्मी का पारा चढ़ेगा तो उपभोक्ताओं को बिजली विभाग भरपूर बिजली देकर राहत प्रदान करेगा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने मंगलवार को मध्यांचल मुख्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि गर्मी से पूर्व भी बिजली विभाग ट्रांसफार्मर की मरम्मत पर ध्यान दे रहा है कार्यशाला में विभिन्न क्षमता के 6150 ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराई गई है, वहीं 1800 अतिरिक्त नए ट्रांसफार्मरों की जरूरत महसूस की गई है, जिसके लिए ऑर्डर भी कर दिया गया है।
1425 गांवों को 14 अप्रैल से मुफ्त कनेक्शन
मध्यांचल के प्रबंध निदेशक संजय गोयल ने बताया कि ग्राम स्वराज अभियान कार्यक्रम के तहत आगामी 14 अप्रैल से 5 मई के बीच मध्यांचल के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों के 1425 गांवों के उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर गांव में कैंप लगाकर बिजली विभाग के अधिकारी निशुल्क कनेक्शन देंगे। सौभाग्य योजना के तहत सबसे कम आबादी वाले मजरों और गांवों में बिजली पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत BPL उपभोक्ताओं को निशुल्क कनेक्शन दिया जा रहा है।
अविकसित कालोनियों में बिजली की विशेष योजना
MD संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अविकसित कालोनियों में बिजली पहुंचाने के लिए विशेष योजना शुरू की गई है। इसके तहत कॉलोनी में कुल प्लाटों की संख्या का अगर 25% प्लाट पर ही मकान बने हैं और उसके आधे लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें ₹35 प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से विकास शुल्क जमा करना होगा। इस शुल्क से विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसके बाद कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। MD ने बताया कि हाल ही में अमराई गांव के श्याम नगर कॉलोनी में विद्युतीकरण किया जा चुका है अन्य कॉलोनियों में कार्रवाई जारी है।
गांवों में बिल संशोधन को चलेगा अभियान
मध्यांचल के प्रबंध निदेशक ने बताया कि बिजली विभाग आगामी 15 अप्रैल से 30 जून तक ग्रामीण विद्युत बिल संशोधन अभियान का संचालन करेगा। इसके लिए मध्यांचल के सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है।वह अपने क्षेत्र में विशेष कैंप लगाकर बिलों का संशोधन कराएंगे। जिससे मीटर रीडिंग होने पर ग्रामीण उपभोक्ताओं को सही बिल मिल सके। MD ने अपील की है कि सभी उपभोक्ता अपने मोबाइल नंबर कार्यालय में पंजीकृत करा लें, जिससे बिल, बिजली आपूर्ति और ब्रेकडाउन संबंधी सूचना उन्हें पहले ही मैसेज से मिल सके।
2022 तक लाइन हानियां 15 फ़ीसदी तक लाना लक्ष्य
MD संजय गोयल ने जानकारी दी है कि उदय योजना के अंतर्गत सभी विद्युत वितरण खंडों का एटीएंडसी हानियों का प्रतिशत 2022 तक 15% लाना लक्ष्य है। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग साढ़े नौ लाख अनमीटर्ड उपभोक्ता हैं, जिनके यहां मीटर लगाने की कार्रवाई की जा रही है। MD की मानें तो दिसंबर 2018 तक सभी उपभोक्ताओं के मीटर लगा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जब सब जगह मीटर लग जाएंगे तो लाइन हानियों में निश्चित तौर पर आ जाएगी।
96 फीसदी शिकायतों का समाधान
MD ने बताया कि उपभोक्ता सेवा केंद्र के टोल फ्री नंबर 1912 और 1800-1800-440 पर एक साल में कुल 1, 14,645 शिकायतें प्राप्त हुई इनमें से एक 1,10,295 शिकायतों का समाधान निर्धारित समय के अंदर कर दिया गया। यानी शिकायतों के समाधान का प्रतिशत 96.2 है।उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान का लक्ष्य जल्द 96 से 100 प्रतिशत पहुंचाया जाएगा।
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