राजस्थान में बीजेपी की उलटी गिनती शुरू ,उपचुनाव में कांग्रेस भारी

अखिलेश अखिल


लखनऊ ट्रिब्यून दिल्ली ब्यूरो: पीएम मोदी की राजनीति से व्याकुल अलवर और अजमेर के लोग कांग्रेस के साथ खड़े हो गए। प्रदेश के मण्डल ग्रह विधान सभा चुनाव में भी बीजेपी हार की तरफ जा रही है और कांग्रेस की बढ़त बनी हुयी है। चूंकि यह उपचुनाव राजस्थान विधान सभा के आसन्न चुनाव को देखते हुए सेमि फ़ाइनल माना जा रहा था। इस सेमि फ़ाइनल में बीजेपी और वसुंधरा की लुटिया डूबती नजर आ रही है। आपको बता दें कि राजस्‍थान की दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतगणना जारी है।

इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों का ‘सेमी-फाइनल’ कहे जा रहे इन उपचुनावों में मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे की परेशानी बढ़ती दिख रही है। अब तक की मतगणना में दो लोकसभा सीटों अजमेर और अलवर में कांग्रेस आगे चल रही है। मंडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस से आगे है। अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस करीब चालीस हजार से ज्‍यादा वोट से आगे चल रही है। वहीं, अजमेर में भी कांग्रेस उम्‍मीदवार बीस हजार वोट से आगे चल रहे हैं। इसके अलावा मंडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस आगे चल रही है। शुरू में यहां भाजपा आगे थी, मगर ग्‍यारहवें राउंड में कांग्रेस उम्‍मीदवार ने बढ़त बना ली है।

राजस्‍थान की इन तीनों सीटों पर भाजपा का कब्‍जा था, मगर सभी सीटें कांग्रेस के पाले में जाती दिख रही हैं। यहां कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट ने धुआंधार प्रचार किया। उन्‍होंने रुझान आने के बाद एएनआई से कहा, ”शुरुआती ट्रेंड्स दिखाते हैं कि सरकार के खिलाफ जनादेश है। मुझे उम्‍मीद है कि हमारी बढ़त और बढ़ेगी। वसुंधराजी (राजे) और उनकी सरकार को लोगों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।”

इन तीनों सीटों पर कुल 42 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। अलवर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जसवंत सिंह यादव का सामना कांग्रेस के करण सिंह यादव से जबकि अजमेर सीट पर कांग्रेस के रघु शर्मा का मुकाबला भाजपा के राम स्वरूप लांबा से है। मंडलगढ़ सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के शक्ति सहि हाडा और कांग्रेस के विवेक धाकड़ के बीच है।

राजपूत समुदाय ने खुलकर कांग्रेस को तीनों सीटों पर समर्थन देने की बात कही है, ऐसे में ये उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है। इन उपचुनावों में जातीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अलवर में दो यादव उम्मीदवार, अजमेर और मंडलगढ़ में क्रमश: जाट और ब्राह्मण उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। सांसदों और विधायक के निधन के कारण यहां उपचुनाव कराने पड़े हैं। अजमेर के सांसद सांवर लाल जाट का पिछले साल नौ अगस्त को देहांत हो गया था, जबकि अलवर के सांसद महंत चंद नाथ का 17 सितंबर को देहांत हो गया था।

वहीं, भाजपा की मंडलगढ़ क्षेत्र की विधायक कीर्ति कुमारी का स्वाइन फ्लू के चलते 28 अगस्त को निधन हो गया था। राजस्थान का यह चुनाव बहुत कुछ कह रहा है। बीजेपी की हुंकार धीमी पड़ रही है और जनता की हुंकार गरज रही है। शाह और मोदी को यह चुनाव परिणाम बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करेगा।

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