राजस्थान में भारतबंद का मिला-जुला असर

जयपुर: राजस्थान में भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को सुबह से राज्य के कई शहरों में बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। कई शहरों में रोजाना की तरह हालात सामान्य रहे। प्रदेश में फिलहाल किसी भी स्थान से तोड़फोड़ या हिंसा की सूचना नहीं मिली है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राजस्थान के 13 जिलों में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। भारत बंद के समर्थन में कोई भी संगठन सामने नहीं आया है| इसके बावजूद राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने स्वयं अपनी दुकानें बंद रखी। हालांकि कुछ शहरों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।

राजधानी जयपुर में प्रशासन ने सोमवार रात 12 बजे से ही इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा रखी है। यह रोक मंगलवार रात 10 बजे तक जारी रहेगी। शहर में यातायात व्यवस्था भी सुचारू है। अस्पताल और दवाइयों की दुकानें सुबह से ही खुली हैं, लेकिन राजधानी के अधिकांश बड़े बाजार बंद दोपहर 12 बजे तक बंद हैं। बड़े स्कूलों ने सोमवार को ही छुट्टी घोषित कर दी थी, वहीं मंगलवार को छोटे स्कूल भी नहीं खुले। बच्चे स्कूल पहुंचे लेकिन स्कूल प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए बच्चों को वापस घर भेज दिया। सरकारी दफ्तरों में भी बंद का असर देखने को मिला है। यहां रोजमर्रा की तरह चहल पहल दिखाई नहीं दी। हालांकि राजस्थान विश्वविद्यालय में परीक्षाएं यथावत चली।

सीकर में भी मंगलवार रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है। राजसमंद में बंद का असर देखने को मिल रहा है। यहां सरकार की सख्ती भी बेअसर साबित हुई है। अघोषित बंद के खौफ से बसों के पहिए भी थम गए हैं। एक दर्जन बसों का आवागमन रोका रोडवेज ने,भीलवाड़ा-उदयपुर मार्ग पर रोका गया है। अफवाहों के चलते प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बारां में भी बंद का असर देखने को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में भी बंद है। सुबह से ही बाजार बंद है। पुलिस प्रशासन हर चौराहे पर मुस्तैद है।

नागौर जिले के डीडवाना में तोड़फोड़ की अशंका के मद्देानजर बसों का संचालन रोक दिया गया है। प्रदेश के धौलपुर, करौली, भरतपुर, अलवर में कई स्थानों से बंद की सूचना मिल रही है। जयपुर से हिंडौनसिटी और भरतपुर के राज्य परिवहन की बसों का संचालन रोक दिया गया है। झुंझुनूं के खेतडी में भी ऐहतिहातन बसों का संचाालन रोक दिया गया। पाली, जालोर, सीकर, जोधपुर और उदयपुर में भी बंद कोई असर नहीं है। यहां रोजाना की तरह बाजार खुले रहे। हालांकि बंद से पहले सोमवार को प्रशासन की ओर से की गई अपील भी बंद को विफल कराने में कारगर साबित हुई है।

कोटा में भारत बंद का मामूली असर रहा। सुबह से मार्केट खुल गए। कोई संगठन बन्द करवाने नहीं आया। व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने कहा कि जब तक कोई संगठन हमसे संपर्क नहीं करेगा, हम मार्केट बन्द नहीं कर सकते। अभी शादियों का सीजन होने से व्यापारियों को बंद से बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। केवल वाट्सअप पर मैसेज वायरल होते रहे लेकिन अभी तक कोई संग़ठन सामने नहीं आ सका। मार्केट में पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा।

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