राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को अर्पित की श्रद्धांजलि

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्य तिथि के अवसर पर जीपीओ पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर लखनऊ की महापौर डाॅ. संयुक्ता भाटिया सहित अन्य विशिष्टजन भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि 1947 में जब देश आजाद हुआ, तब अंग्रेजों ने जाते-जाते देश के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी थी। अंग्रेजों नेे देश की 565 छोटी-छोटी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वें रियासतें अपने भविष्य का स्वयं निर्णय करें। ऐसी स्थिति में सरदार पटेल ने जिस कुशलता से रियासतों को विलय करने का काम किया वह अभूतपूर्व था। अगर सरदार पटेल द्वारा किये गये रियासतों का विलय के कारण ही आज हम एक बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में विश्व में पहचान बना पाये हैं।

सरदार पटेल अगर और जीवित रहते तो देश का नक्शा कुछ और होता। आजादी से पूर्व किसानों पर लगाये गये लगान वृद्धि के विराध में लिए बारडोली में जो उन्होंने सत्याग्रह किया वह दुनिया में ऐसा सबसे बड़ा सत्याग्रह था। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दृढ़ इच्छा शक्ति और निर्णय क्षमता को देखते हुए जनता ने उन्हें ‘लौह पुरुष’ की संज्ञा दी थी।

मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि भारत की एकता एवं अखण्डता के लिये देश के सभी नागरिक इस महान सपूत का सदैव स्मरण करते रहेंगे। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से देश को एकता के सूत्र में पिरोने को जो कार्य किया है उससे गौरव की अनुभूति होती है। गुजरात के सरदार सरोवर तट पर सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व का सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनको उचित सम्मान दिया है।

सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा भारतीय गणराज्य एवं नागरिकों के प्रति, भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों के प्रति किये गये योगदान को सदैव स्मरण किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के व्यक्तित्व और कृतित्व से हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

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