राफेल को लेकर एचएएल पहुंचे राहुल गाँधी , एचएएल ने कहा हम से बेहतर अम्बानी कैसे ?

दिल्ली ब्यूरो: राफेल का मसला अब एचएएल यानी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पहुँच गया है। राहुल गांधी इस मसले को लेकर 3 बजे एचएएल कर्मचारियों से मिलने जा रहे हैं। राहुल वहाँ कर्मचारियों को सम्बोधित भी करेंगे। बता दें कि कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि फ्रेंच कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ हुई डील में एचएएल को नजरंदाज किया गया है। बता दें कि डसॉल्ट कह चुकी है कि 36 फाइटर प्लेन के लिए हुई डील में रिलायंस की 10 फीसदी हिस्सेदारी है. कर्नाटक कांग्रेस के प्रेसिडेंट दिनेश गुंडु राव ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है।

कांग्रेस राफेल डील में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को फायदा पहुंचाए जाने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस का सवाल है कि आखिर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल के बजाए एक प्राइवेट कंपनी को सरकारी डील में साझेदार क्यों बनाया गया। जबकि यूपीए के समय फाइनल हुए ड्रॉफ्ट में एचएएल को पार्टी बनाया गया था। कांग्रेस का कहना है कि एचएएल के कांट्रेक्ट को खत्म करके सरकार कर्नाटक के लोगों से नौकरियां छीन रही है। अगर एचएएल को इस कांट्रेक्ट में शामिल किया जाता तो कई लोगों को रोजगार मिल सकता था। बीजेपी ने इन आरोपों से इंकार किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 36 राफेल फाइटर्स के लिए फ्रांस के साथ 10 अप्रैल 2015 को करार किया था।

उधर बीबीसी ने एचएएल कर्मचारियों से बात कर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताविक आनंद पद्मनभा एचएएल कंपनी में काम करते थे और वर्कर यूनियन के सचिव भी रहे हैं। उन्होंने बीबीसी को बताया, “कंपनी बंद नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ तो भारतीय वायु सेना की रीढ़ ही टूट जाएगी। अगर कांट्रैक्ट कंपनी को मिल जाता तो इसके भविष्य के लिए बेहतर होता। “फ़िलहाल जो कंपनियों में काम कर रहे हैं वो कंपनी के सर्कुलर की वजह से पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बोल रहे हैं। कंपनी ने सर्कुलर जारी किया है कि कोई भी कर्मचारी कंपनी के बारे में सार्वजनिक बयान देगा तो वो कर्मचारी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। एक और पूर्व ट्रेड यूनियन नेता मीनाक्षी सुंदरम ने कहा, “एक निजी कंपनी को रफ़ाल का कॉन्ट्रैक्ट देना, जिसका विमानन क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है, ऐसा करना दशकों में विकसित हुए स्वदेशी कौशल को नुकसान पहुंचाएगा। यह कंपनी के कारोबार और क्षमता को प्रभावित करेगा। “पहचान ना उजागर करने की शर्त पर एक कर्मचारी ने कहा, “जो प्रतिभा इस क्षेत्र में मौजूद है, उस पर ग्रहण ही लगेगा। “

पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों के दलीलें कुछ वैसी ही हैं जैसा कि कंपनी के पूर्व चेयरमैन टी सुवर्णा राजू ने कहा था जो सितंबर में ही रिटायर हुए थे। तीन हफ्ते पहले हिंदुस्तान टाइम्स को दिए गए एकमात्र साक्षात्कार में राजू ने कहा: “जब एचएएल 25 टन सुखोई -30 का निर्माण कर सकता है जो एक चौथी पीढ़ी वाला लड़ाकू जेट है, जिसे बिल्कुल कच्चे माल की स्टेज से हम बनाते हैं तो फिर हम किस बारे में बात कर रहे हैं? हम निश्चित रूप से इसे कर सकते थे। “

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