राफेल डील पर फ्रेंच मीडिया का बड़ा खुलासा

दिल्ली ब्यूरो: जब भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण तीनों दिनों के फ्रांस दौरे पर पेरिस पहुंची है हैं,फ़्रांस की मीडिया ने एक बड़ा खुलासा किया है। खुलासे में राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ड एविएशन के आंतरिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इसे ऑफसेट पार्टनर के तौर पर अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के अलावा कोई विकल्प दिया ही नहीं गया था। वहीं, डसॉल्ट ने अपनी सफाई में कहा है कि राफेल डील में ऑफसेट पार्टनर का होनी जरूरी थी, लेकिन इसके लिए पार्टनर के तौर पर सिर्फ रिलायंस कंपनी के विकल्प जैसी बात नहीं थी। किसी भी कंपनी को चुनने के लिए डसॉल्ट स्वतंत्र था।

बता दें कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार रात तीन दिवसीय यात्रा पर फ्रांस रवाना हुईं। फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मुद्दे पर पैदा हुए विवाद के बीच सीतारमण फ्रांस की यात्रा पर गयी हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीतारमण अपने फ्रांसीसी काउन्टर पार्ट फ्लोरेंस पार्ली के साथ व्यापक बातचीत कर दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग बेहतर बनाने और आपसी हितों के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगी।

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ऑफसेट पार्टनर को लेकर मचे बवाल के बीच ये खुलासा सरकार के लिए काफी मुश्किलें खड़ी करने वाला है क्योंकि 59,000 करोड़ में हुए 36 विमानों के इस सौदे में सरकार का यही कहना रहा है कि डसॉल्ट अपना ऑफसेट पार्टनर चुनने के लिए स्वतंत्र था। फ्रांस की खोजी वेबसाइट मीडियापार्ट ने ताज़ा मामले में कहा है उसके हाथ डसॉल्ट कंपनी के वो दस्तावेज लगे हैं जिनसे ये बात साबित होती है कि उन्हें आखिरी विकल्प के तौर पर सिर्फ और सिर्फ रिलायंस का नाम दिया गया था।

आपको बता दें कि इसी साइट ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद का वो बयान सामने लाया था जिसमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने असल में उनके ऊपर रिलायंस डिफेंस को आखिरी विकल्प के तौर पर थोपा था और यही बात अब फिर से डसॉल्ट के आंतरिक दस्तावेजों में साबित होती है कि सौदे में रिलायंस डिफेस का नाम इकलौता विकल्प था। मीडियापार्ट ने अन्य सनसनीखेज दावे किए हैं। इस मीडिया संस्थान का कहना है कि दस्तावेजों से साफ है कि रिलायंस डिफेंस को साथी बनाने को “लेन-देन” के तौर पर पेश किया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि भारत से 36 विमानों का सौदा हासिल किया जा सके। इसके लिए मीडियापार्ट ने डसॉल्ट के नागपुर स्थित एक अधिकारी द्वारा बनाए गए एक प्रेजेंटेशन का हवाला दिया।

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