राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी खुश

दिल्ली ब्यूरो: राफेल डील पर आज जैसे सुप्रीम कोर्ट का नया फरमान सामने आया बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी खुश हो गए। दरसलिस मामले पर सिन्हा ,शौरी और प्रशांत भूषण ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया और मामले की फिर से सुनवाई को स्वीकार लिया। फैसले पर तीनों याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि सरकार का झूठ सामने आ गया है और अदालत में वो अब बेनकाब हो जाएगी।

राफेल सौदे मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि दस्तावेजों की स्वीकार्यता पर केंद्र के तर्क को सर्वसम्मति से खारिज करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश से खुश हैं। केंद्र सरकार के तर्क का अर्थ है कि रक्षा सौदे में कोई गलती नहीं की जा सकती, इसे अदालत ने नहीं माना। हमने जो तर्क दिए उनको अदालत ने स्वीकारा है। अरुण शौरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और वकील प्रशांत भूषण के साथ राफेल सौदे पर पुनर्विचार याचिकाकर्ताओं में से एक हैं।

वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने मामले पर ट्वीट कर कहा है कि सरकार का झूठ पूरी तरह से सामने आ गया है। अब सरकार के लिए प्रोपेगेंडा करने वाले लोग कहा हैं। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया है, सुप्रीम कोर्ट ने हमारी याचिका को सुनना मंजूर कर लिया है और सरकार के विरोध को खारिज कर दिया है। सरकार का झूठ अदालत में सामने आया है। राफेल डील मामले पर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ की पीठ ने बुधवार को केंद्र सरकार की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राफेल डील से संबंधित तीन दस्तावेजों को सबूत के तौर पर स्वीकार करने की अनुमति प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट इन दस्तावेजों के आधार पर पुनर्विचार याचिका पर आगे की सुनवाई करेगा।

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