राम जन्मभूमि मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने सभी हस्तक्षेप याचिकाएं की खारिज

दिल्ली ब्यूरो: अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही सर्वोच्य अदालत ने सभी हस्तक्षेप याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में सिर्फ मूल पक्षकारों को ही सुनने और असम्बद्ध व्यक्तियों के इसमें हस्तक्षेप करने के अनुरोध को अस्वीकार करने का आग्रह स्वीकार किया जाता है। न्यायालय ने अयोध्या में राम मंदिर में पूजा करने के मौलिक अधिकार को लागू करने के लिए स्वामी की निष्पादित याचिका बहाल करने का आदेश दिया।

इसके साथ ही न्यायालय ने मालिकाना हक विवाद के इस मामले में हस्तक्षेप के लिए भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी की अर्जी भी अस्वीकार कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में हस्तक्षेप के लिए सभी अंतरिम अर्जियां भी अस्वीकार कीं हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने तीनों हस्तक्षेप याचिकाओं को नामंजूर कर दिया। पीठ के अन्य 2 सदस्यों में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर शामिल हैं। न्यायालय ने कहा कि पंजीयक इस मामले में कोई भी हस्तक्षेप याचिका स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ‘मेरे मौलिक अधिकार मेरे संपत्ति के अधिकारों की तुलना में अधिक हैं।

गौरतलब है कि अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद का मामला देश का सबसे विवादित और पुराना मसला है, लेकिन जब इस मामले ने सियासी रंग बदला तो मंदिर-मस्जिद की चौखट से निकलकर विवाद अदालत की दहलीज पर जा पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट में इस विवादित मामले में आज यानि बुधवार से सुनवाई हुई। अगली सुनवाई इसी महीने की अंतिम सप्ताह में होगी। बता दें कि इस विवादित मसले पर जहां पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं वही समाज के कुछ लोग आपसी भाईचारे के जरिये भी इस विवाद को निपटाने में लगे हैं ताकि समाज में कोई अनबन पैदा नहीं पाए।

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