राम मंदिर के गर्भगृह के साथ ही पूरे हो जाएंगे ये तीन अहम प्रोजेक्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने अयोध्या में चल रही परियोजनाओं को समय से पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। बीजेपी सूत्रों की माने तो अयोध्या की उन परियोजनाओं पर खासतौर से नजर रखी जा रही हैं जो 2024 के लोकसभा चुनाव के आसपास या उससे पहले पूरी होने वाली हैं। ऐसी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए योगी सरकार ने इसकी डेडलाइन भी फिक्स कर दी है। इससे ज्यादा देरी हुई तो अफसरों पर गाज गिरनी तय है।

दरअसल योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर की ओर जाने वाले तीन रास्तों को पूरा करने की समय सीमा तय कर दी है। इसके लिए सरकार ने 797 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सरकार चाहती है कि अयोध्या गलियारे की सड़क के तीनों हिस्से दिसंबर 2023 तक तैयार हो जाएं, जब मंदिर का गर्भगृह भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।

सुग्रीव किला से मंदिर तक बन रहा रामजन्मभूमि पथ सुग्रीव किला से राम मंदिर तक 2 किमी लंबा राम जन्मभूमि पथ सबसे पहले बनेगा। इस मार्ग के लिए निविदाएं पहले ही आमंत्रित की जा चुकी हैं। सरकार ने राम जन्मभूमि पथ को पूरा करने के लिए मार्च 2023 की समय सीमा तय की है। अयोध्या प्रशासन को श्रृंगार हाट से राम जन्मभूमि तक 850 मीटर लंबा भक्ति पाठ अक्टूबर 2023 तक और 13 किमी लंबा राम पथ दिसंबर 2023 तक पूरा करना है। दिसम्बर 2023 तक बन जाएंगे तीनों कॉरिडोर अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि दिसंबर 2023 तक, कॉरिडोर के तीनों रास्ते पूरे हो जाएंगे।

राम जन्मभूमि पथ का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा क्योंकि सड़क के इस खंड के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। 13 किलोमीटर लंबे राम पथ के लिए तोड़ी जाने वाली दुकानों की सूची प्रशासन ने तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, सहादतगंज से नया घाट तक इस 13 किलोमीटर लंबे रास्ते के लिए करीब 3,000 दुकानदारों को स्थानांतरित किया जाएगा। अयोध्या विजन डॉक्युमेंट-2047 के तहत करीब 200 परियोजनाओं को शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने की थी अयोध्या के विकास की समीक्षा इन्हें यूपी राजकीय निर्माण निगम, यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, अयोध्या विकास प्राधिकरण, अयोध्या नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और राज्य सरकार के अन्य विभागों द्वारा बनाया किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर शहर की अपनी यात्रा के दौरान अयोध्या दृष्टि दस्तावेज की समीक्षा की थी।

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