राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने दोहराया सबसे पहले अमेरिका

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की आर्थिक उपलब्धियां गिनाते हुए एक बार फिर अमेरिका फर्स्ट पर जोर दिया। ट्रंप ने कहा कि गौरवशाली अमेरिका के निर्माण के लिए विपक्षी डेमोक्रैट सांसदों से एकजुट रहने की अपील की। इस मौके पर मौजूद रहने वाले मेहमानों में दिवंगत भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला की पत्नी सुनैना दुमाला भी मौजूद थीं। ट्रंप ने अपने संबोधन में चीन और रूस को अपनी अर्थव्यवस्था, हितों और मूल्यों के लिए चुनौती बताया।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा अमेरिका संतुलित व्यापार करने के लिए प्रतिबद्ध देशों के साथ नए व्यापार समझौते करना चाहता है। उन्होंने कहा अमेरिका दशकों से चले आ रहे ऐसे अन्यायपूर्ण व्यापार समझौतों को अब नहीं चलने देगा, जिसने हमारी खुशहाली छीन ली, हमारी कंपनियां, हमारी नौकरियां और हमारा पैसा छीन लिया है। आर्थिक तौर पर आत्मसमर्पण का दौर पूरी तरह खत्म हो चुका है। अब हम निष्पक्ष व्यापारिक समझौतों की उम्मीद करते हैं। अब हमारा जोर ऐसे समझौतों पर रहेगा तो परस्पर हितों पर आधारित हों। उन्होंने कहा कि हम ऐसे व्यापारिक समझौतों को तरजीह नहीं देंगे, जो एकपक्षीय हों। राष्ट्रीय हित हमारे लिए सबसे पहले हैं।

प्रवासियों को लेकर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अब लॉटरी सिस्टम से वीजा मिलने की प्रक्रिया को बंद किया जाएगा। यह एक ऐसा कार्यक्रम था, जिसके जरिए अकुशल लोगों को भी ग्रीन कार्ड मिल जाता है। राष्ट्रपति ने कहा कि चेन माइग्रेशन को रोककर अमेरिका में मौजूद एकल परिवारों की रक्षा की जाती है। मौजूदा व्यवस्था के तहत एक अकेला प्रवासी भी अपने असंख्य रिश्तेदारों को साथ रख सकता है, लेकिन अब यह नियम बदलेगा और कोई भी अपने पति-पत्नी और बच्चों को साथ लाने तक सीमित रहेगा। ट्रंप ने कहा कि योग्यता आधारित आव्रजन प्रणाली की दिशा में बढ़ने का समय आ गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में न्यूयॉर्क में हुए दो आतंकी हमले वीजा लॉटरी और चेन माइग्रेशन के जरिए ही संभव हो सके। आतंकवाद के युग में, इस तरह की व्यवस्थाएं जोखिम पैदा करती हैं, जिन्हें हम नहीं उठा सकते।

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैंने सहयोगियों से वायदा किया था कि धरती से आईएस का खात्मा करेंगे। एक साल बाद, मुझे यह बताने में गर्व महसूस हो रहा है कि गठबंधन सेना ने इराक और सीरिया में इन हत्यारों के कब्जे से 10 फीसदी क्षेत्र हाल ही में मुक्त करा लिया है। बीते समय में हमने गलती करते हुए सैकड़ों आतंकियों को रिहा कर दिया, जिसमें आईएस सरगना अल-बगदादी भी शामिल था। उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि किसी भी सत्ता ने अपने ही लोगों का उतनी क्रूरता से शोषण नही किया, जितना नॉर्थ कोरिया ने किया। नॉर्थ कोरिया की मिसाइल अमेरिका को भी डरा सकती है। ट्रंप ने कहा हम एक ऐसे प्रयास ऐसा कर रहे हैं, ताकि उस पर दबाव बन सके और हम ऐसा होने से रोक सकें।

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