राहुल गांधी डॉक्टर नहीं हैं, आरोप लगाने से पहले सलाह ले

नोएडा: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाए थे कि केंद्र सरकार खराब क्वालिटी के वेंटिलेटर खरीद रही है। इन आरोपों पर वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी AgVa के मालिक प्रफेसर दिवाकर वैश ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी डॉक्टर नहीं हैं, मैं उनको एक डेमो देना चाहता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी कंपनियों स्वदेशी वेंटिलेटर्स को मार्केट में आने नहीं देना चाहती हैं, इसीलिए ये साजिशें हो रही हैं।

प्रफेसर दिवाकर वैश ने कहा, ‘हमने एक दिन में वेंटिलेटर नहीं बनाए हैं। हम तीन साल से मार्केट में हैं। एक-एक चरण करके हमने इसे विकसित किया है। सारी खूबियां होने के बावजूद हमारा वेंटिलेटर पांच से 10 गुना सस्ता है। वैसे वेंटिलेचर 10 से 20 लाख रुपये में आथा है लेकिन हमारा वेंटिलेटर सिर्फ 1.5 लाख रुपये का है। इस इंडस्ट्री में इंटरनैशनल नेक्सस बहुत मजबूत है। ठीक उसी तरह जैसे इंडियन आर्मी ने स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल शुर किया तो खराब रिव्यू दिए गए। वही हमारे साथ हो रहा है।’

राहुल गांधी ने ट्वीट करके लगाए थे आरोप
दरअसल, राहुल गांधी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है। राहुल गांधी ने एक न्यूज़ वेबसाइट के आर्टिकल को भी ट्वीट किया, जिसमें दावा किया गया था कि AgVa के वेंटिलेटर के सॉफ्टवेयर में खराबी है और इसकी परफॉर्मेंस खराब है। इस पर प्रफेसर वैश ने कहा, ‘राहुल गांधी डॉक्टर नहीं हैं। वह बुद्धिमान इंसान हैं। उन्हें ऐसे आरोप लगाने से पहले थोड़ी जानकारी लेनी चाहिए थी। डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए थी। मैं अस्पताल में किसी भी मरीज पर इस वेंटिलेटर का डेमो देने को तैयार हूं।’

इस कंपनी के वेंटिलेटर्स पर कुछ सावल उठे थे। इसपर प्रफेसर वैश ने कहा कि डॉक्टर्स को इसके बारे में पूरा डेमो देने की जरूरत है, जिससे वे इसका सही से इस्तेमाल कर सकें। अगर थर्ड पार्टी इसका इस्तेमाल बिना AgVa की मदद लिए कर रही है तो संभव है कि रीडिंग में गलतियां हों। उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली के एलएनजेपी हॉस्पिटल ने वेंटिलेटर को रिजेक्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमारे वेंटिलेटर्स में BIPAP और CPAP नहीं है लेकिन बाद में उन्होंने ईमेल से हमें बताया कि दोनों चीजें मौजूद हैं। जहां तक मुंबई की बात है तो जेजे हॉस्पिटल और सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में थर्ड पार्टी की मदद से वेंटिलेटर इन्स्टॉल किए गए हैं। इन्स्टॉलेशन सही से नहीं हुई इसीलिए डॉक्टर ठीक से इसका इस्तेमाल नहीं कर सके।’

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