रूसी बमों ने बच्चों का अस्पताल किया तबाह, जेलेंस्की बोले- कब तक चुप बैठेगी दुनिया

कीव: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही भीषण जंग बुधवार को 14वें दिन भी जारी है। एक तरफ अमेरिका ने रूस पर बड़ा फैसला करते हुए गैस, तेल के आयात पर बैन लगाने का फैसला किया है तो दूसरी तरफ दोनों दोनों के बीच शांति की कोई भी गुंजाइश नजर नहीं आ रही है, क्योंकि अब तक हुई तीनों शांति वार्ता असफल रही और रूसी हमला पहले से और तेज हो चुका है। इस बीच रूस ने मारियुपोल में एक मेटरनिटी अस्पताल को अपना निशाना बनाकर वहां भयानक तबाही मचाई है।

हमले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति का बयान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन के मारियुपोल शहर में रूसी बमों से बच्चों का अस्पताल पूरी तरह नष्ट हो गया है। इस हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पूरी तरह से आग बबूला है। उन्होंने इस रूसी हमले को इंसानियत की मौत करार दिया है। इसी के साथ अपने बयान में कहा कि विश्व कब तक इस रूसी आतंक को नजरअंदाज करती रहेगी और कब तक इसके खिलाफ चुप्पी साधकर बैठेगी।

रूसी हवाई हमलों से नष्ट अस्पताल

यूक्रेन के राष्ट्रपति के मुताबिक अस्पताल के मलबे के नीचे बच्चे दबे हैं। वहीं अधिकारियों की मानें तो मारियुपोल शहर में स्थित बच्चों का अस्पताल पूरी तरह से रूसी हवाई हमलों से नष्ट हो गया है। सिटी काउंसिल ने इसे भारी क्षति बताया है। जानकारी के मुताबिक रूसी सेना ने बच्चों के अस्पताल पर कई बम गिराए और एक मेटरनिटी वार्ड को भी निशाना अपना बनाया। चोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में बचा है सिर्फ 48 घंटे का ईंधन, इसके बाद क्या है खतरा ? यूक्रेन ने बतायाचोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में बचा है सिर्फ 48 घंटे का ईंधन, इसके बाद क्या है खतरा ? यूक्रेन ने बताया

15 लाख से ज्यादा लोगों ने छोड़ा देश

वहीं युद्ध के बाद यूक्रेन के लोग देश छोड़कर भागने को मजूबर हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पिछले 10 दिन में 15 लाख से ज्यादा लोग जान बाचकर देश छोड़कर जा चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 9 लाख से ज्यादा शरणार्थी पोलैंड में आए हैं।

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