रूहेलखंड विश्वविद्यालय में मधुमेह दिवस पर हैल्थ कैम्प का आयोजन

बरेली ,15 नवम्बर । माननीय कुलपति प्रो० के० पी० सिंह जी के संरक्षण में कल महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्विद्यालय के हैल्थ केयर सेंटर पर मधुमेह दिवस के उपलक्ष में राजश्री मेडिकल कॉलेज व ऐम० जे० पी० के हेल्थ सेंटर के सहयोग से हैल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन किया गया । जिसमे राजश्री मेडिकल कालेज के डॉक्टर शुक्ला,डॉक्टर मोहन , डाक्टर निर्मला शाह , डाक्टर हितेश , डाक्टर यश , डाक्टर मनाली व हेल्थ केयर सेंटर के एडमिनिस्ट्रेटर डाक्टर अमित कुमार वर्मा व असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ आनंद कुमार मौर्य उपस्थित रहे। और काफी संख्या में रोगियों ने शिविर में आकर मधुमेह व ब्लड प्रेसर आदि की जांच कराई । उक्त स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर के माध्यम से विश्विद्यालयकेअधिकारी ,अध्यापक, कर्मचारी और अन्य अध्यनरत छात्र / छात्राओ ने विशेष डॉक्टर से परामर्श कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया ।

जिसमें शुगर के मरीजों की निशुल्क जांच कर बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य प्रशासक डॉक्टर अमित कुमार वर्मा ने बताया कि विश्व मधुमेह दिवस पर शुगर के मरीजों की जांच कर जागरूक किया गया। नियमित रूप से शुगर के मरीजों को जांच करानी चाहिए तथा प्रतिदिन अपने भोजन में पौष्टिक आहार को शामिल करना चाहिए। मरीजों को प्रतिदिन पिस्ता, बादाम, अमरूद, मूली, लौकी, गाजर अरहर की दाल, उड़द की हरी दाल, चने व मसूर दाल खानी चाहिए और शुगर, चावल व सफेद उड़द की दाल नहीं खानी चाहिए। शिविर में मरीजों की जांच कर दवा वितरित की गई।

डायबिटीज के मरीज दुनिया में बढ़ते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर में हर साल डायबिटीज से करीब 40 लाख मरीजों की मौत होती है। इसलिए वैश्विक स्‍तर पर लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) के बारे में जागरूक करने , इसके उपचार,निदान,देखभाल के बारें में लोगों को बताने के लिए हर वर्ष 14 नवंबर को वर्ल्‍ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। आजकल के बदलते खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से डायबिटीज एक आम समस्या हो गई है।यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी हानिकारक है। इसलिए डब्‍लूएचओ लोगों को हर वर्ष जागरूक करता है और इससे होने वाले नुकसान, इसके सही इलाज और सावधानी को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाता है।

पैंक्रियाज नाम की एक ग्रंथि में ये हार्मोन बनता है. इसका काम खून में मौजूद शुगर (Blood Sugar) को सोखना होता है. जब बॉडी में इंसुलिन बनता ही नहीं या सेल्स इंसुलिन के प्रति संवेदनशील (insulin sensitive) नहीं रह जाते तो खून में शुगर का लेवल (Bloos Sugar Levels) बढ़ने लगता है. इसी स्थिति को डायबिटीज या मधुमेह कहते हैं । असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ आनंद कुमार मौर्य ने वहां मौजूद फार्मासिस्टों का उत्साहवर्धन किया और मधुमेह रोग से बचाव और निदान के बारे में रोगियों को जागरूक किया । इस मौके पर मीडिया कवरेज करने में तपन वर्मा का सहयोग रहा। कैम्प के सफल आयोजन में रूहेलखंड विश्विद्यालय के हैल्थ केयर सेंटर व फार्मेसी विभाग के रजिस्टर्ड फार्मासिस्टों का भीं योगदान रहा , जिसमे अमित ,दानिश ,विशाखा ,संजना,कृतिका , हरिओम, इशिता व अनुभव आदि मौजूद रहे।

बरेली से ए सी सक्सेना ।

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