रेप मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत, हुए बरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित शाहजहांपुर लॉ कालेज की छात्रा से रेप मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार, 26 मार्च को इस मामले पर फैसला सुनाते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने चिन्मयानंद को रिहा कर दिया। इसके अलावा कोर्ट ने छात्रा की तरफ से रंगदारी व जानमाल की धमकी के एक मामले में भी फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। छात्रा पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। बता दें कि साल 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय की लॉ स्टूडेंट ने बालात्कार का आरोप लगाया था। छात्रा ने एक वीडियो जारी कर चिन्मयानंद पर रेप का गंभीर आरोप लगाया था जिसके बाद यह मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया था। स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय को चिन्मयानंद का ट्रस्ट चलाता है।

छात्रा के आरोप के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री को उनके मुमुक्ष आश्रम से गिरफ्तार किया गया था, एसआईटी ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर आश्रम से चिन्मयानंद को उठाकर ले गई थी। मामले के दो साल बाद अब चिन्मयानंद को एमपी-एमएलए ने बरी कर दिया है। शुक्रवार को विशेष जज पवन कुमार राय ने चिन्मयानंद पर लगे यौन शोषण के आरोप और छात्रा द्वारा पांच करोड़ की रंगदारी मामले पर अफना फैसला सुनाया। जज पवन कुमार राय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बरी कर दिया। चार नवंबर, 2019 को चिन्मयानंद के खिलाफ आइपीसी की धारा 376(सी), 354(डी), 342 व 506 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा और उसके साथियों को भी कोर्ट ने बरी कर दिया।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper