रेलवे में फिलहाल सीमित संख्या में चलती रहेंगी स्पेशल ट्रेनें

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण के चलते कोविड-19 की असामान्य परिस्थितियों के चलते सामान्य रेल यात्री सेवा के जल्द बहाल होने के आसान नहीं है। रेलवे फिलहाल स्पेशल ट्रेनों के जरिए ही सीमित संख्या में ट्रेनें चला रहा है। कोरोना काल में यात्रियों की संख्या भी घटी है और बिहार बंगाल जाने वाले रूट को छोड़कर अन्य रूट पर भीड़ काफी कम है। कोरोना काल में रेलवे के राजस्व का अधिकांश हिस्सा माल भाड़े के जरिए ही आ रहा है। यात्री सेवाओं से मिलने वाला राजस्व बेहद कम है। रेलवे की लगभग दस फीसदी ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है। हालांकि रेलवे के खर्चे उतने कम नहीं हुए हैं। कर्मचारियों के वेतन के साथ ट्रेनों, इंजनों अन्य रखरखाव पर खर्च किया ही जा रहा है।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष व सीईओ विनोद कुमार यादव ने साफ किया है कि कोविड 19 के विभिन्न प्रोटोकॉल का रेलवे पूरी तरह पालन कर रही है और वह नियमित यात्री रेल सेवा तभी शुरू करेगा जब गृह मंत्रालय से इसकी अनुमति मिल जाती है। विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए भी वह राज्यों की मंजूरी पर निर्भर है, क्योंकि राज्यों को हर स्टेशन पर कोरोना प्रोटोकॉल के हिसाब से तैयारी करनी पड़ती है। इसके चलते कई स्टेशनों पर वह सभी ट्रेनों के स्टॉप भी नहीं करवा रहे है।

अगले साल रेलवे को ज्यादा बजट की जरूरत होगी
ऐसे में मौजूदा वित्त वर्ष में नियमित यात्री सेवा बहाल होने के आसार बेहद कम है। इसके चलते अगले वित्त वर्ष में रेलवे पर वित्तीय भार भी बढ़ेगा। सूत्रों के अनुसार अन्य विभागों के साथ रेलवे में भी अगले साल के बजट की तैयारी हो रही है। रेलवे को इस साल राजस्व में आई कमी के चलते अगले साल ज्यादा बजट अनुदान की जरूरत होगी, ताकि वह कोरोना काल के बाद अपनी यात्री सेवाओं को सुचारू ढंग से जारी रख सके।

माल भाड़े से सीमित भरपाई
हालांकि माल भाड़े के जरिए रेलवे ने कुछ हद तक राजस्व घाटे को कम जरूर किया है, लेकिन दूसरी तरफ रेलवे के नई रेल लाइनों, स्टेशनों के निर्माण के ढांचागत भारी भरकम प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जिससे रेलवे को अभी काफी बजट की जरूरत है। हालांकि उसने अपने बहुत सारे नए प्रोजेक्ट पीपीपी मोड में शुरू की है ताकि निवेश की समस्या ना आ सके।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper