रेहाना को BSNL से अनिवार्य रिटायरमेंट, कंपनी की प्रतिष्ठा को बिगाड़ने का आरोप

नई दिल्ली: सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास करके सुर्खियों में आईं एक्टिविस्ट रेहाना फातिमा को अनिवार्य रिटायरमेंट लेने के लिए कहा गया है. रेहाना फातिमा को सौंपे गए आदेश के अनुसार, सबरीमाला में प्रवेश करने के उनके प्रयास के विवाद ने ग्राहक के बीच कंपनी की प्रतिष्ठा को बिगाड़ दिया है.

आंतरिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर, रेहाना फातिमा को अब सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेने के लिए कहा गया है. इस पर रेहाना फातिमा ने कहा कि वह बीएसएनएल के फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी. अनिवार्य सेवानिवृत्त किए जाने के फैसले को उचित मंच पर चुनौती दूंगी. रेहाना ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीति हस्तक्षेप है.

केरल की रहने वाली रेहाना फातिमा ने सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में साल 2018 के अक्टूबर में प्रवेश करने की कोशिश की थी. केरल मुस्लिम जमात काउंसिल ने रेहाना को मुस्लिम समुदाय से निष्कासित कर दिया था. काउंसिल की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि रेहाना ने लाखों हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई.

रेहाना फातिमा ने कहा था, ‘मैं अपने शरीर का इस्तेमाल महिलाओं के शरीर को लेकर जो लोग दकियानूसी और परंपरावादी सोच और रवैया दिखाते हैं, उसके विरोध में करती हूं.’ 2014 में रेहाना ने कोच्चि में मॉरल पोलिसिंग के खिलाफ ‘किस ऑफ लव’ कैम्पेन में भी हिस्सा लिया था.

बीएसएनएल में तकनीशियन के तौर पर कार्यरत फातिमा को नवंबर 2018 में गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था. उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप था. इसके बाद बीएसएनएल ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया था, जिसने आदेश दिया है कि रेहाना अनिवार्य रिटायरमेंट लें.

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