लखनऊ: बीबीएयू में अराजकता छात्र को दौड़ाकर पीटा

लखनऊ: बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी एक बार फिर अराजक छात्रों के हाथों में चली गयी है। सोमवार को एक बार फिर बीबीएयू के एक हास्टल में मौजूद एमएससी फोरेन्सिक साइंस के छात्र को कुछ लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और विवि के अधिकारी मूक दर्शक बने रहे। मौके पर पहुंची पुलिस को विवि के अन्दर का मामला बताते हुए उन्हें चले जाने को कह दिया गया। देर शाम तक विवि के अधिकारी जहां छात्र और छात्रा को बैठाकर मामला निपटाने में लगे थे तो वहीं विवि की ओर से कोई भी सही पक्ष बताने को तैयार नहीं दिखा।

बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) में लाख दावों के बीच छात्रों के साथ अराजकता बन्द नहीं हो रही है। जाति व वर्ग के खांचें में बंटे बीबीएयू के प्रोफेसर भी ऐसे मामलों में मूकदर्शक बन जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि विवि के एमएससी फोरेन्सिक साइंस का एक छात्र अपनी सहपाठी के साथ किसी कार्यवश एक हास्टल में गया था, जहां पर दूसरी जाति के कुछ छात्रों ने उससे मारपीट व हाथापाई करने की कोशिश की। बताया जाता है कि पीड़ित छात्र ने इसकी शिकायत वहां पर मौजूद विवि के प्रोफेसरों या कथित प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से की, लेकिन वे लोग जाति व वर्ग में बंट गये और मूक दर्शक बने रहे, इस बीच छात्रों ने उक्त छात्र को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और मां-बहन की गालियां दीं।

मौके की जानकारी पाकर आशियाना थाने की पुलिस के साथ ही चौकी प्रभारी भी पहुंचे, लेकिन विवि के अधिकारियों ने उन्हें विवि का मामला बताकर टरका दिया। देर शाम तक खबर लिखे जाने तक विवि के प्रोफेसर मामले को निपटाने में लगे थे और पीड़ित का पक्ष सुनने के बजाय उसे ही उल्टा फंसाने की बात कह रहे थे। देर रात तक विवि की प्रवक्ता ने अपना पक्ष मेल अथवा फोन पर नहीं रखा।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper