लखनऊ में 21 वर्ष बाद होगा आरएसएस का संघ समागम

लखनऊ ब्यूरो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का राजधानी लखनऊ में 21 वर्ष बाद स्वयंसेवकों का पूर्ण गणवेश में विशाल एकत्रीकरण (संघ समागम) 22 अप्रैल को होगा। इससे पहले 23 सितम्बर 1997 में प्रदेश में जब कल्याण सिंह की सरकार थी उस समय संघ समागम हुआ था। उसमें करीब 80 हजार स्वयंसेवकों ने सहभागिता की थी।

उस कार्यक्रम में प्रान्त भर के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया था। रज्जू भैया ने संघ समागम को संबोधित किया था। लखनऊ के चारों ओर से संचलन चलकर बेगम हजरतमहल पार्क में मिलन हुआ था। इस बार केवल लखनऊ का ही संघ समागम करने का निर्णय संघ के पदाधिकारियों ने किया है।

संगठनात्मक दृष्टि से पूरे लखनऊ महानगर को चार भागों में बांटा गया है। पूरे महानगर का संघ समागम करने से पहले चारों भागों का अलग-अलग स्वयंसेवक समागम होगा। इसके बाद पूरे लखनऊ का संघ समागम किया जायेगा। अभी तक लखनऊ पूरब भाग का स्वयंसेवक समागम संपन्न हो चुका है। पूरब भाग के स्वयंसेवक समागम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद संघ के पदाधिकारियों ने दक्षिण भाग पर फोकस किया है। पूरब भाग का स्वयंसेवक समागम जय जगत पार्क सेक्टर सी 1 एलडीए कालोनी कानपुर रोड लखनऊ में आगामी 22 अप्रैल को तय किया गया है।

इसमें मुख्य वक्ता के नाते प्रज्ञा प्रवाह के पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री रामाशीष रहेंगे। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए लखनऊ दक्षिण भाग के सभी मुख्य शिक्षक व कार्यवाह से लेकर नगर,भाग व विभाग के पदाधिकारी लगे हैं। लखनऊ दक्षिण भाग के भाग कार्यवाह श्याम त्रिपाठी ने बताया कि 51 सौ स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब चार हजार से अधिक लोगों का पंजीकरण हो गया है। उनका गणवेश भी पूरा कराया जा चुका है।

लखनऊ विभाग के सह विभाग कार्यवाह बृजेश ने बताया कि संघ संगठन विस्तार की दृष्टि से समय-समय पर नये प्रयोग करता रहता है। इस कार्यक्रम के निमित्त संघ कार्यकर्ता बस्ती स्तर तक जा रहे हैं। इससे समाज के नये व्यक्ति जहां संघ से जुड़ रहे हैं वहीं पुराने कार्यकर्ता भी इस कार्यक्रम में सक्रिय हो रहे हैं।

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