लखनऊ में 400 वर्षों से भी अधिक पुरानी है बड़े मंगल की परंपरा, इस दिन कोई भी नहीं रहता है भूखा

लखनऊ: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास का बड़ा महत्व है. कहा जाता है कि यह माह ब्रह्मा जी को हर मासों में अत्यधिक प्रिय है. आज ज्येष्ठ मास का पहला मंगलवार है. वैसे तो मंगलवार का दिन हनुमान जी समर्पित होता है और मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है और शुभ लाभ मिलता है. परंतु जयेष्ट मास के मंगलवार को हनुमान जी पूजा का विशेष महत्त्व होता है. इस माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं. इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. मान्यता है कि ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़े मंगल पर विधि विधान से हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से भक्तों को प्रत्येक कष्ट और बाधा से मुक्ति मिलती है.

बुढ़वा मंगल कब?

आज 17 मई को ज्येष्ठ मास का पहला मंगलवार है. इस बार इस मास में 5 मंगलवार पडेगा. ये पांच मंगलवार हैं:- 17 मई को, 24 मई को, 31 मई को, 7 जून को और 14 जून को है.

बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल कहने के पीछे दो पौराणिक कथा प्रचलित हैं. एक कथा के अनुसार महाभारत काल में जब भीम को अपने बल का बड़ा घमंड हो गया था, तो हनुमान जी ने बूढ़े वानर का रूप रखकर भीम के घमंड को मंगलवार को तोड़ा था. दूसरी कथा के अनुसार वन में विचरण करते हुए भगवान श्री राम जी से हनुमान जी का मिलन विप्र (पुरोहित) के रूप में इसी दिन हुआ था. इसलिए ज्येष्ठ मास के मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है.

अलीगंज हनुमान मंदिर में हिंदू-मुस्लिम दोनों मानते हैं मनौती
मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना लखनऊ के तीसरे नवाब शुजा-उद-दौला की पत्नी बेगम जनाब-ए-आलिया ने 19वीं शताब्दी के आरम्भ में की थी। खास बात यह है कि इस मंदिर में ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को मुख्यत: हिन्दुओं और मुसलमानों तथा कुछ इसाइयों द्वारा भी श्रद्धा पूर्वक मनौतियां मानी जाती है। चढ़ावा चढ़ाकर प्रसाद वितरण किया जाता है। हनुमान जी के इस मंदिर में हर धर्म और जाति के लोग आकर अपनी श्रद्धा अर्पण करते हैं।

अगर आप लखनऊ में होने वाले दो सबसे बड़े मेले की बात करें तो आप अलीगंज का महावीर मेला और मोर्हरम इन दोनों को ही पाएंगे। अलीगंज का महावीर मेले की भव्यता बस देखते ही बनती हैं। इसमें लगभग एक सप्ताह पहले से ही दूर-दूर से आकर हजारों भक्त केवल एक लाल लंगोट पहने सड़क पर पेट के बल लेट-लेट कर दण्डवती परिक्रमा करते हुए मंदिर के प्रांगण में आते हैं।

कब खुलता है हनुमान अलीगंज मंदिर
इस हनुमान मंदिर भक्तों के लिए प्रतिदिन 5:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है। भक्त अपनी मनौतियों को लेकर प्रभु हनुमान के इस मंदिर में आते हैं। खास आकर्षण की बात यह है कि यहाँ हिन्दू , मुसलमान और ईसाई तीनों ही अपनी फरियाद लेकर आते हैं। मई -जून में मनाये जाने वाले बड़ा मंगल का महत्त्व भक्तों में बहुत ज्यादा है।

 

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