लखनऊ मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों पर मिलेगी 4जी कॉल और इंटरनेट की सुविधा

लखनऊ। लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है कि यात्रियों के सुरंग से गुजरने के दौरान भी इंटरनेट और मोबाइल कॉल में कोई रूकावट न आए।

एलएमआरसी के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि अक्सर सुरंग या भूमिगत बिल्डिंग के अंदर मोबाइल सिग्नल मिलना बंद हो जाता है, लेकिन मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों और सुरंग में ट्रेन के अंदर ऐसा नहीं होगा। यात्रियों को सुरंग से गुजरने के समय भी इंटरनेट और मोबाइल कॉल में कोई परेशानी नहीं होगी। इस सिस्टम से 2जी, 3जी और 4जी कॉल और इंटरनेट सेवाएं निर्बाध मिलती रहेंगी।

उन्होंने बताया कि लखनऊ मेट्रो अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेडलाइन के चारों तरफ भूमिगत स्टेशनों और सुरंग में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। इस तकनीक से मेट्रो के सभी मोबाइल ऑपरेटरों के सिग्नल सुरंग के अंदर भी पहुंच जाएंगे। बिल्डिंग सॉल्यूशन के रूप में ऐसे उपकरण और केबल बिछाई जानी है, जिससे सैटेलाइट से सिग्नल नहीं मिलने पर भी मोबाइल कनेक्टिविटी में दिक्कत न आए। यात्रियों का मोबाइल मेट्रो के अपने सिग्नल एरिया से खुद से जुड़ जाएगा। इससे उसे अपनी मोबाइल कंपनी के सिग्नल मिलना शुरू हो जाएंगे।

प्रवक्ता ने बताया कि मोबाइल को सिग्नल देने का काम लीकी (LEAKY) केबल की मदद से होगा। यह तांबे का खास तरह का केबल होता है, जो दूसरे उपकरणों की मदद से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन पैदा कर सिग्नल की तरंगें पैदा करता है। यह साझा मोबाइल नेटवर्क की तरह काम करता है, जिससे सभी कंपनियों के सिग्नल मिल जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस आधुनिक तकनीक की सुविधा एयरपोर्ट भूमिगत स्टेशन, हुसैनगंज भूमिगत स्टेशन, सचिवालय भूमिगत स्टेशन, हजरतगंज भूमिगत स्टेशन और चारबाग से हजरतगंज के बीच सुरंग में मिलेगी।

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