लखनऊ: रूपकृति ने किया युवा कलाकारों का सम्मान

लखनऊ। रूपकृति ओपन आर्ट स्पेस के तत्वावधान में युवा छायाचित्रकार जलज यादव (1990-2021) की स्मृति में आयोजित तीन दिवसीय शिविर और प्रदर्शनी में रूपकृति के परिकल्पना को साकार होते हुए देखा गया। यह अवसर था वास्तुकला एवं योजना संकाय, टैगोर मार्ग लखनऊ स्थित प्रांगण में जहाँ जलज यादव के जन्मदिवस के रूप में एक विशेष कला प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वंदना सहगल (प्राचार्य एवं अधिष्ठाता वास्तुकला संकाय), नरेन्द्र पंजवानी (वरिष्ठ रंगमंच एवं फ़िल्म अभिनेता) एवं जस्टिस राकेश शर्मा (पूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट) सहित छात्र, कलाकार एवं कलाप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत युवा बाँसुरी वादक मुकेश “मधुर” के राग दुर्गा में अलाप एवं बंदिश से और गिरीश पांडेय के शीर्षक “जलज के रंग” काव्यपाठ से किया गया।

क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने बताया कि सभी प्रतिभागी कलाकारों का सम्मान भी किया गया, सम्मान स्वरूप रूपकृति प्रतीक चिन्ह,अंगवस्त्र मुख्य अतिथियों के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया। श्री अस्थाना ने बताया कि दो दिवसीय कला शिविर में उत्तर प्रदेश से 8 प्रतिभागी व अन्य प्रदेशों से 7 आमंत्रित युवा कलाकारों ने भाग लिया। कलाकारों ने दो- दो स्वेत श्याम कलाकृतियां सृजित कीं। प्रतिभागी कलाकारों में उत्तर प्रदेश से अभिषेक पाल, ऋषभ राज, अक्षय, शिवम शुक्ला, आरती सिंह, शिवम केसरी, अनस सुल्तान, नौसीन ज़ेहरा रहे वहीं आमंत्रित कलाकारों में गोपाल सामंत्री, राम डोंगरे, सुनील यादव,रत्नप्रिया कांत, अंशु पंचोली,अम्बरीष मिश्रा, संजय बनौदा रहे।

आयोजक चित्रकार धीरज यादव ने रूपकृति के उद्देश्यों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि रूपकृति ओपेन आर्ट स्पेस की स्थापना जलज की ही स्मृति मे की जा रही है। चूंकि जलज एक युवा सोच के एक कुशल कलाकार थे। रूपकृति ओपेन आर्ट स्पेस की स्थापना लोककला, आधुनिक कला एवं समकालीन कला व कलाकारों के प्रोत्साहन हेतु किया जा रहा है और स्वतंत्र युवा कलाकारों को उनकी युवा सोच के साथ उनकी कला को सदैव प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

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