लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प में मारा गया चीन का कमांडिंग ऑफिसर

नई दिल्ली: चीन से भारत को 45 साल बाद एक बार फिर धोखा मिला है। सोमवार देर रात लद्दाख के गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बातचीत करने गई भारत की सेना पर चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प हो गई। पत्थरों, लाठियों और धारदार चीजों से हमला किया गया। इस हमले में भारत के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए। जबकि, 4 जवानों की हालत नाजुक बनी हुई है। इसी बीच हिंसक झड़प में चीन को भी भारी नुकसान हुआ है। बॉर्डर के पास हुए तनाव के बाद बड़ी संख्या में एम्बुलेंस, स्ट्रेचर पर घायल और मृत चीनी सैनिकों को ले जाया गया। बताया जा रहा है कि चीन के करीब 40 से अधिक सैनिक हताहत हुए हैं।

वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में चीनी पक्ष के जिन सिपाहियों की मौत हुई है, उनमें चीनी यूनिट का कमांडिंग अफसर भी शामिल है। हालांकि, चीन ने अपनी ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की है। बता दें कि भारतीय सेना के भी कमांडिंग अफसर की इस झड़प में जान गई थी।

सूत्रों के हवाले से जो खबर मिली है, उसके मुताबिक 15-16 जून की रात को गलवान घाटी के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच जो हिंसक झड़प हुई, उसमें चीन को बड़ा नुकसान हुआ है। इस नुकसान के अनुमान का आधार ये है कि चीन बॉर्डर पर स्ट्रेचर, एम्बुलेंस के जरिए घायल-मृत सैनिकों को ले जा रहा है। इसके अलावा गलवान नदी के पास चीनी हेलिकॉप्टर की हलचल बढ़ी है, जिसके जरिए सैनिकों को ले जाया जा रहा है।

इसके अलावा जो सैनिक चीन के साथ हुई इस झड़प शामिल थे, उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की है। हालांकि, चीन को कितना नुकसान हुआ है इसका सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है हालांकि 40 के करीब की संख्या बताई जा रही है। इससे पहले मंगलवार को भी ग्लोबल टाइम्स की ओर से इस बात को स्वीकारा गया था कि चीन को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन बाद में वह संख्या बताने से मुकर गया था, इसके अलावा चीनी विदेश मंत्रालय ने भी कोई संख्या नहीं दी थी।

दूसरी ओर भारतीय सेना की ओर से अपने आधिकारिक बयान में जानकारी दी गई कि भिड़ंत में 20 जवान शहीद हुए हैं। शुरुआत में तीन के शहीद होने की जानकारी सामने आई थी, उसके बाद अन्य 17 को जोड़ा गया। सेना की ओर से बुधवार को इन सभी 20 शहीदों के नाम जारी किए जाएंगे।

गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच मई के महीने से ही लद्दाख में तनाव चल रहा था। समझौते के तहत चीन को मौजूदा जगह से पीछे हटना था, जब भारतीय सेना के जवान वहां पर उसे सूचित करने पहुंचे। तो धोखे से चीनी सेना ने भारतीय जवानों पर हमला कर दिया। इसी दौरान भारत के कमांडिंग अफसर समेत कुल 20 जवान शहीद हो गए।

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