लन्दन में साड़ी का जलवा

भारतीय साड़ी न सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों में भी अपना जलवा बिखेर रही है। लंदन फैशन वीक में इस बात पर मुहर लग गई है। वहां पहली बार मनाए गए ‘इंडिया डे’ में भारत के विभिन्न हिस्सों में पहने जाने वाली साडिय़ों का खूब जलवा दिखा। दरअसल, लंदन में भारतीय उच्चायोग ने एक कैटवॉक का आयोजन किया, जिसके लिए चुनी गई 17 विभिन्न तरह की साडिय़ों ने लोगों को खूब आकॢषत किया। इन साडिय़ों में उत्तर भारत से कश्मीरी और फुलकारी, पश्चिम बंगाल से कांथा और बालूचरी, गुजरात से घरचोला, महाराष्ट्र से पैठणी, तमिलनाडु से कांजीवरम और केरल से कसावु साडिय़ां आदि शामिल थीं।

साड़ी को सुरुचिपूर्ण ढंग से लपेटने का तरीका वास्तव में एक कला है, लेकिन साड़ी ने हमेशा भारतीय महिला को एक विशिष्ट पहचान दी है। इसलिए महिलाएं विदेश जाते समय भी अपने बैग में साड़ी अवश्य पैक करती हैं। हालांकि ज्यादातर राज्यों में साड़ी के अपने प्रकार हैं। उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी है, तो पश्चिम बंगाल में तांत की साड़ी है। माधुरी दीक्षित जैसी बॉलीवुड हस्तियों से लेकर ममता बनर्जी जैसी बोल्ड राजनेताओं तक, सभी ने शान के साथ साड़ी पहनी है। यहां तक कि बॉलीवुड फिल्मों और टीवी सीरियलों में भी एक्ट्रेस को साड़ी में बहुत ही स्टाइल के साथ दिखाया जाता है।

जहां तक मार्केट का सवाल है, तो इस समय बदलते मौसम को देखते हुए ब्राइट कलर डिमांड में हैं। सबसे ज्यादा ग्रीन कलर की साडिय़ां डिमांड में हैं। इसके साथ ही रेड, मरून, पर्पल, यलो कलर भी चलन में है। इसके अलावा नेट साड़ी और लहंगा साड़ी डिमांड में है। पूरी नेट, हाफ नेट, शोल्डर नेट कई तरह की वैरायटी में मौजूद नेट साड़ी व लहंगा साड़ी की कीमत 1500 से 10,000 रुपए तक है। दुकानदारों के मुताबिक, हैवी सिल्क, पेंच वर्क, लहंगा साड़ी, नेट साड़ी, कोलकाता वर्क की साडिय़ों का नया कलेक्शन आया है। वाइब्रेंट शेड्स काफी पसंद किए जा रहे हैं।

सिल्क है सदाबार : सिल्क की साडिय़ां एवरग्रीन हैं। प्लेन सिल्क के साथ सिल्क पर वर्क की साडिय़ां भी मार्केट में मौजूद हैं। चाहे शादियों का सीजन हो या कोई अन्य ऑकेजन, इन साडिय़ों की हमेशा डिमांड रहती है। हालांकि ये थोड़ी महंगी होती हैं।

बनारसी है खास : बनारसी साडिय़ां अपने विशेष डिजाइंस-पैटन्र्स के लिए विख्यात हैं। कारीगरों द्वारा निॢमत बूटी छोटी-छोटी तस्वीरों की आकृति लिए हुए होती है। इसके अलग-अलग पैटर्न दो या तीन रंग के धागों से बनाए जाते हैं। अगर पांच रंग के धागों का प्रयोग किया जाता है, तो इसे पचरंगा कहा जाता है। बेहद नफासत से बनाई जाने वाली इन साडिय़ों की श्रेष्ठता आज भी वैसे ही सराही जाती है और पसंद की जाती है जैसे सदियों पूर्व की जाती थी।

शिफॉन की साडिय़ां : शिफॉन की साडिय़ों का ट्रेंड बहुत पहले से चला आ रहा है। यह लाइट वेट होने के कारण ऑफिस जाने वाली महिला की फस्र्ट च्वॉइस है। इसे पहनना बहुत आसान है। यह मार्केट में आपको प्लेन के अलावा एम्ब्रॉयडरी में भी मिलती है।

कांजीवरम साड़ी : कांजीवरम साड़ी की अपनी अलग ही पहचान है। यह आप किसी भी ऑकेजन पर पहन सकती हैं।

मधु निगम

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