ललित कला अकादमी इस वर्ष 20 कलाकारों को सम्मानित करेंगी ,नौ अप्रैल से राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी

नई दिल्ली: कोरोना काल के मुश्किल दौर के बाद कलाकारों और खासकर ललित कला से जुड़ी हस्तियों के लिए अच्छी खबर है। ललित कला अकादमी ने नौ अप्रैल से 62वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन करने के साथ ही उसी दिन 20 महत्वपूर्ण कलाकारों को सम्मानित करने का भी फैसला किया है। चित्रकला, मूर्तिशिल्प, ग्राफिक, फोटोग्राफी समेत अन्य माध्यमों में काम करने वाले इन बेहतरीन कलाकारों को ये सम्मान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू दिल्ली के विज्ञान भवन में एक शानदार समारोह में प्रदान करेंगे। इसके तहत इन कलाकारों को दो लाख रुपये नकद के साथ, ताम्रपत्र और शॉल से सम्मानित किया जाएगा।

जिन कलाकारों को इस बार ललित कला अकादमी सम्मान के लिए चुना गया है, उनके नाम हैं- आनंद नारायण दाबली, भोला कुमार, देवेश उपाध्याय, दिग्विजय खटुआ, घनश्याम काहर, जगन मोहन पेनुगंती, जिंतु मोहन कलिता, कुसुम पांडेय, लक्ष्मीप्रिया पाणिग्रही, मंजूनाथ होनापुरा, मोहन भोया, नेमा राम जांगिड़, निशा चड्डा, प्रभू हरसूर, प्रेम कुमार सिंह, प्रीतम मैती, ऋषि राज तोमर, एस.ए.विमलानाथन, शिवानंद शागोती और सुनील कुमार सिंह कुशवाहा।

इन्हीं कलाकारों की कलाकृतियों और कलात्मक अभिव्यक्ति को राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। इन पुरस्कारों के लिए कलाकारों के कामकाज का बारीकी से अध्ययन करने वाले कला पारखियों के निर्णायक मंडल ने इन कलाकारों को पुरस्कार के लिए चुना है। इस निर्णायक मंडल का गठन भी ललित कला अकादमी ने ही किया था और इसके सदस्य थे – दत्तात्रेय आप्टे, विपुल प्रजापति, वासुदेव कामत, योगेंद्र त्रिपाठी, मिथुन कुमार दत्ता, दीपक पॉनिकर और शिवकुमार केसरमाडू।

नौ अप्रैल को राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का उद्घाटन पर्यटन, संस्कृति और उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी, संसदीय कार्य एवं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी करेंगी। ललित कला अकादमी की अध्यक्ष उमा नंदूरी के मुताबिक कोविड महामारी के लंबे दौर के बाद ललित कला अकादमी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह प्रदर्शनी कला जगत में उत्साह का संचार करेगी। कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए अकादमी ने इस बार पुरस्कारों की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 कर दी है।

इस बार अकादमी को पूरे देश से 2351 कलाकारों की 5450 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। निर्णायक मंडल ने राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए विभिन्न माध्यमों से 300 से अधिक कृतियों का चयन किया। इन कलाकृतियों में से 20 कलाकृतियों का चयन 62वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए पुरस्कार के लिए किया गया।

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