लॉकडाउन के बाद जिम करने से लड़के की हालत बिगड़ी ICU में भर्ती

नई दिल्ली: महीनों बाद जिम में एक्सरसाइज करने जा रहे हैं, तो सावधानी बरतें। अचानक ज्यादा जिम करने से आपकी जान को खतरा हो सकता है। किडनी खराब हो सकती हैं। 18 साल के लक्ष्य बिंद्रा के साथ ऐसा ही कुछ हुआ। उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। लॉकडाउन की वजह से लक्ष्य जिम नहीं जा पा रहे थे। कई महीने बाद उन्हें अपने एक दोस्त के घर जिम करने का मौका मिला, तो उन्होंने पहले ही दिन जरूरत से ज्यादा और एक घंटे से भी अधिक समय तक एक्सरसाइज किया। वह पिछले दिनों जिम नहीं कर पाने की भरपाई करना चाह रहे थे। लेकिन इसकी वजह से उन्हें उसी शाम उल्टी के साथ मांसपेशियों में थकान, शरीर में अकड़न और दर्द होने लगा। वह तीन दिनों तक घर में बीमार रहने के बाद बुरी हालत में पटपड़गंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे और डायलिसिस से गुजरना पड़ा।

ब्लड फ्लो में एंजाइम रिलीज होने लगते हैं
मैक्स हॉस्पिटल के किडनी स्पेशलिस्ट डॉ. दिलीप भल्ला ने कहा कि जब लक्ष्य को अस्पताल में आया था, तो उसके पेट में तेज दर्द हो रहा था। उसे कम मात्रा में काले रंग का यूरिन आ रहा था। उसकी किडनी व लीवर ठीक से काम नहीं कर रहे थे। जांच करने पर उसमें राब्डोमायोलिसिस की समस्या पाई गई। यह एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें मांसपेशियां तेजी से टूटने लगती हैं। इसके कारण ब्लड फ्लो में कुछ प्रकार के एंजाइम रिलीज होने लगते हैं। इससे किडनी खराब होने लगती है।

डॉक्टर ने कहा कि हमने मरीज को तुरंत आईसीयू में रखा और हाइड्रेशन बनाए रखने व उसकी मांसपेशियों को पोषक तत्व प्रदान करने के लिए नसों के जरिए तरल पदार्थों को देना शुरू किया गया। कई दिनों तक हल्की फिजियोथेरेपी की गई। इस दौरान उसकी किडनी ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया था, इसलिए उसे डायलिसिस के दो सेशन दिए गए। उन्होंने बताया कि मांसपेशियों में इंजरी के कारण निकलने वाला एंजाइम मायोग्लोबिन किडनी की क्षमता को प्रभावित करता है। अगर समय रहते इसका पता नहीं लगाया जाता, तो किडनी पूरी तरह से खराब हो सकती है। धीरे-धीरे मरीज में सुधार हुआ। उसकी मांसपेशियों में अकड़न और दर्द कम होने लगा।

इसलिए टूटने लगतीं हैं मांसपेशियां
हॉस्पिटल के इमरजेंसी मेडिसिन के डॉ. अब्बास अली खताई ने कहा कि अचानक बहुत ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी से मांसपेशियां टूट सकती हैं। यह राब्डोमायोलिसिस का एक सामान्य कारण है। अधिक कठोर या बहुत ज्यादा व्यायाम से मांसपेशियों में एसिड जमा होने लगता है। इससे मांसपेशियों के प्रोटीन टूटने लगते हैं। यह प्रोटीन ब्लड फ्लो में पहुंच जाते हैं, जहां से यह किडनी में चले जाते हैं, जिससे किडनी खराब हो जाती है। डॉक्टर ने कहा कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और व्यायाम करने के लिए अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए व्यायाम करते समय अपने शरीर की सीमाओं को जानना, हाइड्रेटेड रहना और उचित प्रोफेशनल मार्गदर्शन जरूरी है। डॉ अब्बास ने कहा कि लॉकडाउन की अपनी समस्याएं हैं, लेकिन अनलॉक के बाद लोग बेहिसाब जिम करने लगे हैं, जैसा इस मामले से पता चलता है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper