लॉकडाउन में एक डिब्बे का पार्सल ट्रेन चलाने को भी तैयार है रेलवे

नई दिल्ली: कोरोना की वजह से देशभर में हुए 40 दिनों के लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल से आर्थिक गतिविधियों के लिए सीमित छूट मिल रही है। इसके बाद यदि कोई कंपनी, फर्म या कारोबारी देश के किसी हिस्से में एक पार्सल डिब्बे में आ सकने वाला सामान कहीं भेजना चाहता है,तब रेलवे उसकी सहायता करने के लिए तैयार है। इसके लिए एक डिब्बे का ट्रेन भी चलाया जा सकता है, लेकिन उससे पहले देखा जाएगा कि सामान क्या है और सामना को किस मकसद से भेजा जा रहा है।

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कोविड-19 के मद्देनजर लॉकडाउन की अवधि के दौरान छोटे पार्सल आकारों में आवश्यक वस्तुओं जैसे चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति, चिकित्सा उपकरण, भोजन आदि का परिवहन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। इस दौरान कठिनाइयों को कुछ हद तक कम करने के लिए देशभर में 100 से ज्यादा रूट बनाए गए हैं, जिन पर आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई के लिए टाइम टेबल पार्सल ट्रेन चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य देश के सभी हिस्सों में सामान्य नागरिकों की कठिनाई दूर करना है।

अधिकारी ने बताया कि इस समय कहीं भी सामान की ढुलाई करनी हो,तब रेलवे इसके लिए तैयार है। आमतौर पर इस समय एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल के लिए पार्सल ट्रेन चलाया जा रहा है और उसमें अंतिम स्टेशन के लिए ही सामान भेजा जा सकता है, लेकिन यदि कोई फर्म या पार्टी बीच के स्टेशन या फिर दूसरे स्टेशन के लिए भी माल भेजना चाहता है,तब उस स्वीकारा जाएगा। रेलवे का कहना है कि शेड्यूल्ड स्टेशनों के अलावा किसी अन्य स्टेशनों के लिए सामान की बुकिंग लेने से पहले सामान और उसका उपयोग देखा जाएगा।

उदाहरण के लिए कोई दिल्ली से खाद्य तेल या मास्क तिनसुकिया भेजना चाहता है,तब बुकिंग ले ली जाएगी। उसका एक डिब्बा दिल्ली से गुवाहाटी जाने वाली पार्सल एक्सप्रेस में जोड़ दिया जाएगा और गुवाहाटी से फिर तिनसुकिया जाने वाली पार्सल एक्सप्रेस में इस जोड़कर वहां भेज दिया जाएगा। यही नहीं, यदि किसी छोटे जगह के लिए भी माल भेजने के लिए कोई संपर्क होगा, उस पर भी विचार किया जाएगा।

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