लोकसभा में बजट 2020 पेश कर रहीं हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, देखें LIVE अपडेट्स

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सत्र 2020-2021 के लिए संसद में बजट पेश कर रहीं हैं। वह बजट की कॉपी संसद में पढ़ रहीं हैं। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट है। इस बजट से देश की जनता को काफी उम्मीद है। खासकर मिडिल क्लास के लोग वित्त मंत्री पर टकटकी लगाए बैठे हैं। महंगाई और अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से आमदनी ठहरने का सबसे ज्यादा असर यदि किसी पर पड़ा हैं तो वह है मिडिल क्लास। यही वजह है कि मिडिल क्लास को इस बजट से काफी उम्मीद हैं।

बजट ऐसे समय पेश किया जा रहा है जब अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है। इस वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दर 11 साल में सबसे निचली वृद्धि होगी। भू-राजनीतिक क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध के बाद अब कुछ शांति दिख रही है। ऐसे में घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देना वित्त मंत्री के समक्ष सबस बड़ी चुनौती है।

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बजट की मुख्य बातें-

– वित्त मंत्री ने कहा कि ऑर्गेनिक मार्केट बनाया है। दूध मांस मछली के लिए किसान रेल. जैविक खेती के लिए पॉर्टल बनाया जाएगा। किसानों के लिए 15 लाख करोड़ कर्ज सरकार देगी। आठवें ऐक्शन प्वॉइंट के तहत कृषि उड़ान लांच किया जाएगा। ये प्लेन कृषि मंत्रालय की तरफ से चलेंगे। होर्टिकल्चर- 311 मिलियन टन के साथ ये अन्न उत्पादन के आगे निकल चुका है। हम राज्यों को मदद करेंगे। वन प्रॉडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट का स्कीम बनाएंगे। ऐक्शन प्वॉइंट के तहत इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम – संचयित इलाकों में नेचुरल फार्मिंग- जैविक खेती के लिए पोर्टल, ऑनलाइन मार्केट मजबूत बनाया जाएगा। मछली पालन के लिए सागर मित्र योजना सरकार लेकर आएगी।

– निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट लोगों की आय बढ़ाने वाला है। धनलक्ष्मी धान्य लक्ष्मी बन सकती है। केमिकल खादों के इस्तेमाल से बचें। डीजल-केरोसीन से आगे है सौर ऊर्जा। 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा। 162 मिलियन टन के भंडारण की क्षमता है। नाबार्ड इसे जीयोटैग करेगा। नए बनाए जाएंगे। ब्लॉक और ताल्लुक के स्तर पर बनेंगे। राज्य सरकार जमीन दे सकती है। एफसीआई अपनी जमीन पर भी बना सकती है।

– निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं इस बजट को दो अत्याधुनिक विकास की पृष्ठभूमि में पेश करना चाहती हूं, बजट के तीन महत्वूण विषय हैं, महत्वाकांक्षी भारत, सबके लिए आर्थिक विकास, हमारा संरक्षित समाज। 284 बिलियन डॉलर की FDI आई, जिसने कारोबार को बढ़ाया। हमने 16 एक्शन प्वाइंट बनाए। 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने पर सरकार का बल होगा।

– वित्त मंत्री ने कहा किसानों की तरक्की पर जोर होगा। फसल बीमा योजना से किसानों का भला होगा। 6.11 लाख किसानों को बीमा लाभ मिलेगा। कृषि मंडियों में सुरक्षा की जरूरत है। खेती में निवेश पर सरकार का जोर है। पंप सेअ को ऊर्जा से जोड़ने का काम करेगी सरकार। 15 लाख किसानों को पंप सेअ देने का काम सरकार करेगी। पानी की किल्लत वाले 100 जिलों की पहचान की गयी है। बंजर जतीन पर सौर ऊर्जा प्लांट लगेगा। 20 लाख किसानों को सोलर पंप दिया जाएगा।

– बजट भाषण में निर्मला ने पढ़ा कश्मीरी शेर, बोलीं-
‘डल झील में खिलता कमल है
हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसे
हमारा वतन डल लेक में खिलते हुए कमल जैसा
नौजवानों के गर्म खून जैसा
मेरा वतन, तेरा वतन, हमारा वतन
दुनिया का सबसे प्यारा वतन’

– वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में अंत्योदय पर फोकस किया गया है। सामाजिक सुरक्षा देना जरूरी है। पेंशन बीमा से सामाजिक सुरक्षा मिलेगा।

-वित्त मंत्री ने कहा कि हमने स्वास्थ्य, शिक्षा, नौकरी को ध्यान में रखा है।

-वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी के सामने कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन जीएसटी काउंसिल इन्हें दूर करने में सक्रिय रहा। पिछले दो साल में 60 लाख अधिक टैक्सपेर्यस को जोड़ा गया। जीएसटी से देश आर्थिक रूप से एकीकृत हुआ। 1 अप्रैल 2020 से सरलीकृत नयी विवरणी प्रणाली शुरू की जाएगी। सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास से कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति गई गुना बढ़ी। वित्त मंत्री ने कहा कि 2009-14 के दौरान मुद्रास्फीति 10.5% के दायरे में थी।अब भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी व्यवस्था हैं।

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट लोगों की आय सुनिश्चित करने और उनकी क्रय शक्त बढ़ाने के लिए है। कम जीएसटी दरों के कारण औसत परिवार के मासिक खर्च में 4 पर्सेंट की कमी आयी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि महंगाई पर काबू करने में सरकार सफल रही। अप्रैल 2020 में जीएसटी का नया वर्जन आएगा।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि समुचित विकास के लिए हमने काम किया। जीएसटी एतिहासिक कदम रहा। अर्थव्यवस्था बुनियादी तौर पर मजबूत है। देश ने आर्थिक नीतियों पर भरोसा किया। इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ। बैंकों की स्थिति बेहतर हुई है। 60 लाख नए करदाता जुड़े हैं। जीएसटी से टैक्स में कमी आयी है।

गौरतलब है कि साल 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली बार ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट लेकर निकली थीं। यह परंपरागत बहीखाते की याद दिला रहा था। इससे पहले विभिन्न सरकारों में सभी वित्तमंत्री बजट पेश करने के लिए बजट दस्तावेज ब्रीफकेस में लेकर जाते रहे हैं, जो औपनिवेशिक अतीत की याद दिलाता था। वित्त मंत्री ने खुलासा किया था कि उनकी मामी ने उन्हें यह बस्ता बनाकर दिया था।

इस संदर्भ में सीतारमण ने कहा था कि, ‘सूटकेस, ब्रीफकेस मुझे पसंद नहीं आता। यह अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। हमें यह पसंद नहीं। फिर मेरी मामी ने मुझे लाल कपड़े का बस्ता बनाकर दिया। उन्होंने पूजा-अर्चना करने के बाद मुझे यह लाल बस्ता दिया। यह घर का थैला नहीं लगे इसलिए सरकारी पहचान देने के लिए उस पर अशोक स्तंभ का चिन्ह लगाया गया।’

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