विजय माल्या स्वेच्छा से लौटना चाहता हैं हिन्दुस्तान

लंदन: भारत के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या स्वेच्छा से स्वदेश (भारत) लौटने की बातचीत कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार वह स्वदेश वापस लौटकर बैंकों से लिया हुआ कर्ज भी चुकता करना चाहते हैं। अभी लंदन की कोर्ट में माल्या के प्रत्यर्पण की सुनवाई चल रही है। माल्या पर बैंक फ्रॉड, मनी लॉन्डरिंग और बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर 10 हजार करोड़ रुपये के लोन का मामला चल रहा है। माना जा रहा है कि कुछ ही हफ्ते में इस मामले पर सुनवाई पूरी हो जाएगी। अगर उन्हें इस मामले में भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाता है तो उन्हें भारत में सुनवाई के दौरान जेल जाना पड़ेगा।

सूत्रों ने बताया कि इस मामले में भारत वापस लौटने के लिए माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से संपर्क किया है। हालांकि ईडी ने इस मामले पर माल्या को किसी तरह का कोई वादा नहीं किया है। अगर वह वापस भी लौट आते हैं तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि उन पर मामला नहीं चलाया जाएगा। लौटने के बाद भी माल्या को अपना केस भारतीय अदालतों में लड़ना होगा। संभव है कि वापस लौटने पर उन्हें एक या दो दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल जाए। अगर वह अपनी मर्जी से वापस लौटते हैं तो हम उन्हें इमर्जेंसी ट्रैवल डॉक्युमेंट जारी कर सकते हैं और इसके बाद प्रत्यर्पण का केस अपने आप खत्म हो जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि अगर माल्या भारत वापस लौटते हैं तो उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया जाएगा। ऐसी कोई योजना नहीं है कि उनके ऊपर दर्ज किए गए आपराधिक मामले वापस ले लिए जाएं। उन्हें न्याय व्यवस्था का सामना करना होगा। इसके बाद भारतीय अदालतें ही इस मामले पर फैसला देंगी कि उन्होंने धोखाधड़ी की है या यह उनके बिजनेस फेल होने का मामला था। हालांकि भारत सरकार यह साबित करने का प्रयास करेगी कि यह धोखाधड़ी का मामला था। हमें नहीं पता कि उन्होंने ईडी से संपर्क क्यों किया है जबकि इंग्लैंड में प्रत्यर्पण का केस सीबीआई लड़ रही है। अगर वह भारत वापस जाना चाहते हैं तो हम यूके की सरकार से उनका पासपोर्ट लौटाने की गुहार करेंगे। हम किसी भी तरह उन्हें वापस भारत लाना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार इस मामले पर माल्या ने फोन पर बताया है कि मैं किसी भी मुद्दे पर कोई कॉमेंट नहीं करना चाहता। भारतीय मीडिया में चल रही इस तरह की खबरें हास्यास्पद हैं। मैंने ऐसी किसी भी खबर के बारे में नहीं सुना है। अगर मैंने ऐसा कोई फैसला लिया भी है तो उस पर मैं कोई कॉमेंट नहीं करना चाहता। मीडिया खुद से ही ऐसे सवाल बना रहा है और उनका जवाब उन्हें खुद ही देना है।

बता दें कि इससे पहले 22 जून को विजय माल्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने एक 500 से ज्यादा पेजों का आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने 13,900 करोड़ की संपत्ति को अपने कर्जदारों को पैसा वापस करने के लिए बेचने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने मीडिया को एक स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा था कि 2016 से ही वह बैंकों को कर्ज चुकता किए जाने के लिए ऑफर्स दे रहे हैं। माल्या के ऊपर 17 भारतीय बैंकों का 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज वापस नहीं किए जाने का आरोप है।

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