विवेक हत्याकाण्ड : दोनों सिपाही तीन दिनों की रिमाण्ड पर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में हुए विवेक हत्याकाण्ड के दोनों आरोपित सिपाहियों को कस्टडी रिमाण्ड पर लेकर एसआईटी उनसे पूछताछ करेगी। पुलिस ने न्यायालय से तीन दिन की कस्टडी रिमाण्ड की मंजूरी पा ली है। महानगर इंस्पेक्टर विकास कुमार पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्टडी रिामण्ड शनिवार से 15 अक्टूबर तक मिली है। एसआईटी इस बीच दोनों सिपाही प्रशान्त चौधरी व संदीप से पूछताछ कर वारदात वाली रात की असली कहानी उगलवाने की कोशिश करेगी। विदित हो कि 9 अक्टूबर को पेश की गयी यूपीएसआरटीसी की तकनीकी टीम की रिपोर्ट ने राजधानी पुलिस की चिन्ता बढ़ा दी है।

यूपीएसआरटीसी की तकनीकी टीम की जांच रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। हत्या की जांच कर रही एसआईटी की टेक्निकल सपोर्ट टीम यूपीएसआरटीसी के अनुसार विवेक तिवारी की कार उस रात सिपाहियों की बाइक से नहीं टकराई थी, जबकि आरोपित सिपाही शुरू से ही विवेक की कार बाइक से टकराने की बात कह रहे हैं। इस रिपोर्ट के आने से विवेक तिवारी हत्याकाण्ड में अब नया मोड़ आ गया है। उधर, आरोपित दोनोें सिपाही जो राग अलाप रहे हैं उसके अनुसार विवेक तिवारी उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान गाड़ी ने उनकी बाइक में कई बार ठोकर मारी थी, और उन पर चढाने का प्रयास किया था, इसलिए उन्होंने अपने बचाव में गोली चलाई थी।

ऐसे में अब जांच कर रही टीम के सामने कई सवाल उठ रहे है। अगर विवेक तिवारी ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश नहीं की थी, तो किस हालात में सिपाही ने गोली चलाई। विवेक तिवारी की हत्या के मामले में दोनों वाहनों की जांच कर रही यूपीएसआरटीसी की तकनीकी टीम ने भी दोनों गाडियों की जांच करने के बाद एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।घटना 28 सितम्बर देर रात कि है, जिसमें आरोपित सिपाही प्रशांत चौधरी से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उसने कहा था कि रात 2 बजे मुझे एक संदिग्ध कार दिखी जिसकी लाइट बंद थी। मैं कार के पास गया और कार की तलाशी लेने के लिए कार सवार युवक को बाहर आने को कहा तो वह बाहर नहीं निकला और तीन बार मुझे गाड़ी चढ़ाकर मारने की कोशिश की, जिसके बाद अपने बचाव में मुझे फायरिंग करनी पड़ी तो कार सवार तेज रफ्तार से भागा और आगे जाकर कार खम्भे से जा टकरायी।

जांच में यह भी पता चला कि विवेक की गाड़ी 60 किलोमीटर प्रति घण्टा से ज्यादा की रफ्तार से जा रही थी। गोली लगने के बाद विवेक अपनी और सना की जान बचाने के लिए तेजी से कार लेकर भागा था। सना के अनुसार गोली लगने के बाद वह इलाज कराने के लिए अस्पताल जा रहे थे। तेज रफ्तार गाड़ी शहीद पथ के अण्डरपास में मोड़ते वक्त अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई थी। इसकी वजह से गाड़ी का एयर बैग खुल गया था।अब तक हुई जांच में विरोधाभास होने के कारण एक बार फिर से सीन रिक्रिएशन कराये जाने की उम्मीदें बढ़ गयी हैं। एसआईटी यह जानने का प्रयास करेगी कि उस रात वास्तव में हुआ क्या था।

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