विश्व युवा कौशल दिवस पर बोले PM मोदी- स्किल में बदलाव करना जरूरी, यही वक्त की मांग

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वर्ल्ड यूथ स्किल डे के मौके पर युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को कहा कि स्किल में बदलाव करना जरूरी है। यही वक्त की मांग है। उन्होंने कहा, कोरोना के इस संकट ने वर्ल्ड कल्चर के साथ ही नेचर ऑफ जॉब को भी बदलकर के रख दिया है। बदलती हुई नित्य नूतन टेक्नोलॉजि ने भी उस पर प्रभाव पैदा किया है।

पीएम मोदी ने कहा, आद का दिन 21वीं सदी के युवाओं को समर्पित है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज स्किल सबसे बड़ी ताकत है। बदलते हुए तरीकों ने स्कील को बदल दिया है। आज हमारे युवा कई नई बातों को अपना रहे हैं। बता दें कि आज कौशल इंडिया मिशन की स्थापना के पांच साल भी पूरे हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि आज के दौर में व्यापार और बाजार इतनी तेजी से बदलते हैं कि समझ नहीं आता है कि प्रभावी कैसे रहा जाए। मैं इसका एक ही जवाब देता हूं प्रभावी रहने का मंत्र है, स्किल, रि-स्किल और अपस्किल।

पीएम मोदी नेकहा कि कौशल की ताकत इंसान को कहां से कहां पहुंचा सकती है। साथियों, एक सफल व्यक्ति की बहुत बड़ी निशानी होती है कि वो अपने कौशल बढ़ाने का कोई भी मौका जाने ना दे। उन्होंने कहा कौशल के प्रति अगर आप में आकर्षण नहीं है, कुछ नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है। एक रुकावट सी महसूस होती है। एक प्रकार से वो व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को ही बोझ बना लेता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल एक ऐसी चीज है जिसे हम खुद को उपहार देते हैं, जो अनुभव के साथ बढ़ता है। कौशल कालातीत है, यह समय के साथ बेहतर होता रहता है। कौशल अद्वितीय है, यह आपको दूसरों से अलग बनाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग हमेशा ज्ञान और कौशल के बीच भ्रम पैदा करते हैं। मैं उनसे कहता हूं कि आप किताबों में पढ़ सकते हैं और इंटरनेट पर देख सकते हैं कि कैसे साइकिल चलाना है, यह ज्ञान है लेकिन यह गारंटी नहीं देता कि आप साइकिल की सवारी कर पाएंगे। वास्तव में एक साइकिल की सवारी करने के लिए, आपको कौशल की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि आज भारत में ज्ञान और कौशल, दोनों में जो अंतर है, उसे समझते हुए ही काम हो रहा है। आज से 5 साल पहले, आज के ही दिन स्किल इंडिया मिशन इसी सोच के साथ शुरू किया गया था। स्किल इंडिया में हर सेक्टर के पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है, जो राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के तहत उद्योग और सरकार दोनों द्वारा मान्यता प्राप्त मानकों से जुड़े होते हैं। पाठ्यक्रम एक व्यक्ति को काम के व्यावहारिक वितरण पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है और उसे अपनी तकनीकी विशेषज्ञता बढ़ाने में मदद करता है।

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