वॉट्सऐप उतना बुरा भी नहीं, जितना आप सोचते हैं

मुंबई: सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वॉट्सऐप जैसे डिजिटल प्लैटफॉर्म पर समय बिताना हमारे लिए अच्छा है। ह्यूमन-कंप्यूटर स्टडी संबंधी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित एक शोधपत्र के अनुसार, टेक्स्ट-आधारित मेसेजिंग ऐप, जो यूजर्स को ग्रुप चैट का फंक्शन देती हैं, साइकोलॉजिकल हेल्थ (मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य) पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।

रिसर्च में पाया गया कि लोगों ने जितना ज्यादा समय वॉट्सऐप पर बिताया, उतना ही उन्होंने अकेलापन कम महसूस किया और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। नतीजतन, उन्होंने खुद को परिजनों और दोस्तों के साथ और ज्यादा नजदीक पाया। एज हिल यूनिवर्सिटी की प्रफेसर लिंडा काये ने कहा, ‘इस बारे में कई बार बहस होती है कि क्या हमारा सोशल मीडिया पर समय बिताना हमारी भलाई के खिलाफ है, लेकिन हमने पाया है कि यह इतना भी बुरा नहीं, जितना इसे समझा जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘जितना अधिक समय लोग वॉट्सऐप पर बिताएंगे, उतना ही अधिक वे अपने परिजनों और दोस्तों से जुड़ाव महसूस करेंगे। नतीजतन, वे अपने रिश्तों को और बेहतर कर पाएंगे।’ अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 200 लोगों का चयन किया, जिसमें 158 महिलाएं और 42 पुरुष शामिल थे। सभी की औसतन उम्र 24 साल थी। रिसर्च में पाया गया कि इसकी लोकप्रियता और ग्रुप चैट के चलते औसतन 55 मिनट तक प्रत्येक दिन वॉट्सऐप का इस्तेमाल लोगों द्वारा किया जाता है।

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