शंखनाद से होगा पीएम मोदी का स्‍वागत, कोरोना के चलते न तिलक लगेगा न बांधा जाएगा साफा

अयोध्या: अयोध्‍या में श्रीराम जन्‍मभूमि पर राममंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन की शुभ घड़ी आ गई है। पीएम नरेन्‍द्र मोदी थोड़ी ही देर में अयोध्‍या पहुंचने वाले हैं। वहां मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ उनका स्‍वागत करेंगे। राममंदिर भूमिपूजन के एतिहासिक मौके पर पीएम के स्‍वागत के लिए अयोध्‍या में बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई थीं लेकिन कोरोना के चलते इसमें काफी बदलाव कर दिया गया है।

अब पीएम का स्‍वागत शंखनाद से होगा लेकिन न तो उन्‍हें तिलक लगाया जाएगा, न ही साफा बांधा जाएगा। प्रधानमंत्री 11:30 बजे अयोध्‍या पहुंचेंगे। सबसे पहले वह हनुमान गढ़ी में दर्शन करने जाएंगे। वहां करीब तीन मिनट पूजा-अर्चना के बाद वह राम मंदिर के भूमिपूजन के लिए जाएंगे। रामलला के पूजन के लिए प्रधानमंत्री को पूजा की थाल दी जाएगी। इसके बाद वह पूजा करेंगे। बताया जा रहा है पहले पूजा के समय उन्हें घंटी भी बजानी थी, लेकिन अब इसे कैंसिल कर दिया है। वह सिर्फ थाल लेकर पूजा करेंगे। इसके बाद उन्हें चांदी की शिला दी जाएगी। इसे से शिलान्यास होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को भगवान श्रीराम के जन्म के मुहूर्त में भूमि पूजन करेंगे। यह मुहूर्त कुल 32 सेकंड का है। कुल 22 आचार्य तीन घंटे में पूजन संपन्न कराएंगे। ज्योतिषीय पक्ष के मुताबिक षोडश वरदानुसार 15 वरद में ग्रह स्थितियां अनुकूल हैं। इस समय पूजन के शुभ परिणाम देंगे।

वैदिक रीति से अनुष्ठान
वैदिक रीति से संपूर्ण अनुष्ठान में तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। सभी कर्मकांड पूर्व तय यजमान के द्वारा संपन्न होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम क्षण में स्पर्श कर भूमि पूजन और शिला पूजन की विधि पूर्ण करेंगे।

देशभर से बुलाए गए विद्वान आचार्य

भूमि पूजन के मुख्य आचार्य काशी के विद्वान पंडित जयप्रकाश उपाध्याय हैं। उनके सहयोगी काशी के अरुण दीक्षित, कांची मठ के सेनापति शास्त्री, सुब्रमण्यम और मणिजी के अलावा अयोध्या के पंडित इंद्रदेव मिश्र व दिल्ली के चंद्रभानु शर्मा होंगे। पूजन में देशभर के कई स्थानों से बुलाए गए कुल 22 आचार्य शामिल होंगे। यह सभी रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष महंत र्गोंवद देव गिरि के निर्देशन में अनुष्ठान करा रहे हैं।

ऐसे होगा पूजन
महागणपति-अम्बिका पूजन, वरुण पूजन, षोडश मात्रिका पूजन, सप्तघृत मात्रिका पूजन, आयुष मंत्र जप, नींव में प्रतिष्ठित की जाने वाली नौ प्रस्तर खंड शिलाओं का संस्कार और पूजन, ग्रह शांति, शिलाओं के देवता के निमित्त आहुति दी जाएगी। मुहूर्त का काल मध्याह्न 12:44:08 बजे से शुरू होकर 12:44:40 के मध्य का है। अभिजीत मुहूर्त प्राय: प्रतिदिन पूर्वाह्न 11.45 बजे से 12.45 बजे के बीच होता है। इसकी अवधि 48 मिनट मानी गई है। इसी मुहूर्त में भगवान राम का जन्म ठीक दोपहर 12 बजे हुआ था।

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