शगुन के हौसले की कद्र

घटना 8 अगस्त 2016 की है। शगुन त्रिपाठी अपने मम्मी-पापा के साथ सीतापुर स्थित अपने गांव से आ रही थी। रास्ते में उन्होंने देखा कि एक किशोरी को चार लोग जबरदस्ती कार में बैठाने की कोशिश कर रहे थे। उस किशोरी को बचाने के लिए शगुन बिना कुछ सोचे बदमाशों से भिड़ गई थी। शगुन के इस साहस को कई मंचों पर सराहा गया।

लेकिन अब उसे विश्व के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस पीस प्राइज-2018 के लिए नामित किया गया है। इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस पीस प्राइज हर साल बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले किड्स राइट फाउंडेशन की ओर से दिया जाता है। इसकी पुरस्कार राशि एक लाख पाउंड है। 8वीं कक्षा में पढऩे वाली शगुन का सपना आईएएस बनना है।

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